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केला किसानों की आवाज़ : मध्यान्ह भोजन और आंगनवाड़ी में शामिल हो केला, मंडरा रहा है आर्थिक संकट

-  विधायक अर्चना चिटनीस बोलीं– बच्चों के पौष्टिक आहार में केला शामिल करने की मांग मुख्यमंत्री से रखूंगी

बुरहानपुर। देश के सबसे बड़े केला उत्पादक जिलों में शामिल बुरहानपुर इस समय मंदी की मार झेल रहा है। जिले के करीब 23 हजार से अधिक किसान केले की खेती करते हैं, लेकिन इस सीजन में उन्हें लागत का भी भाव नहीं मिल रहा। दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में बारिश-बाढ़ के हालात के कारण सप्लाई प्रभावित है। नतीजा यह कि किसान प्रति क्विंटल सिर्फ 800 से 900 रुपए में केले बेचने को मजबूर हैं।

किसानों ने मांग उठाई है कि सरकार नुकसान से बचाने के लिए मध्यान्ह भोजन और आंगनवाड़ी केंद्रों में केले को पौष्टिक आहार के रूप में अनिवार्य करे। किसानों का कहना है कि इससे दोहरा फायदा होगा— बच्चों को पोषण मिलेगा और उत्पादकों को सही बाजार भी।

विधायक ने दिया समर्थन

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस ने भी किसानों की इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा— जिले में बड़े पैमाने पर केला उत्पादन होता है। स्कूलों और आंगनवाड़ी बच्चों के पौष्टिक आहार में केला शामिल किया जाना एक अच्छा सुझाव है। मैं इसे लेकर मुख्यमंत्री से निवेदन करूंगी।

लागत नहीं निकल रही, किसान परेशान

केला किसान संगठन के उपाध्यक्ष मोहन पाटिल ने बताया कि इस बार लागत भी नहीं निकल पा रही। एक दर्जन केले पर 100 से 125 रुपए खर्च आता है, जबकि भाव बहुत कम हैं। किसानों को मजबूरी में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बैठकों का दौर और समर्थन मूल्य की मांग

किसानों ने संगठन स्तर पर बैठकों का दौर शुरू किया है। 13 सितंबर को नावरा में बैठक होगी, जिसमें समर्थन मूल्य पर केले की खरीदी की मांग को प्रमुखता दी जाएगी। किसान चाहते हैं कि सरकार चना, गेहूं और धान की तरह केला भी समर्थन मूल्य पर खरीदे।

बीमा योजना की भी जरूरत

किसानों ने यह भी कहा कि केले को फसल बीमा योजना में शामिल किया जाए। 2018-19 से यह मांग हो रही है, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ। प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर राजस्व विभाग के नियमों के तहत कुछ राहत मिलती है, लेकिन बीमा होने पर किसानों को पूरा मुआवजा मिल सकता है।

और इधर…

मानव जीवन पर रासायनिक खेती के दुष्परिणाम एवं उसका निदान विषय पर कार्यशाला का आयोजन आज

मानव जीवन पर रासायनिक खेती के दुष्परिणाम व उसका निदान विषय पर 13 सितम्बर 2025 शनिवार को दोपहर 2 बजे से परमानंद गोविंदजीवाला आडिटोरियम इंदिरा कालोनी बुरहानपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम मे हमे सेन्टर फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर तेलंगाना के कार्यकारी संचालक, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामान्जनयेलू का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। किसानों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ लें, ताकि प्राकृतिक खेती के लाभ से अवगत होकर खेती में बढ़ते रसायनों के उपयोग को कम कर लागत कम करें।

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