बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के प्रमुख केला उत्पादन जिले बुरहानपुर में मंगलवार रात आई तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में तैयार खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। केले के हजारों पेड़ जड़ से उखड़कर जमीन पर बिछ गए, वहीं सोयाबीन और मक्का की फसल भी प्रभावित हुई। किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
केला उत्पादक किसानों ने राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि केले की फसल का बीमा नहीं हुआ है, जिससे नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। खेतों में पानी भर जाने से उनकी सालभर की मेहनत मिट्टी में मिल गई है।
डोईफोड़िया और आसपास के गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
डोईफोड़िया क्षेत्र में तीन घंटे तक हुई जोरदार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए और निचली बस्तियों में पानी भर गया। बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे एक गाय की मौत हो गई और चारा बह गया। 6000 केले के पौधे डूब गए और करीब दो एकड़ मक्का की फसल खराब हो गई। दो किसानों के कुएं भी धंस गए। सिरपुर की उतावली नदी में बाढ़ आने से यातायात करीब एक घंटे तक ठप रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच सालों में इतनी बारिश पहली बार देखी गई है।
विधायक अर्चना चिटनिस ने किया निरीक्षण
विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस प्रभावित गांवों में पहुंचीं और किसानों से चर्चा कर नुकसान का जायजा लिया। नागुलखेड़ा, बहादरपुर, लोनी और गव्हाना सहित कई गांवों में उन्होंने किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कलेक्टर और अधिकारियों से कहा कि शीघ्र नुकसान का आकलन कर राहत दी जाए। इस दौरान तहसीलदार प्रविण ओहरिया, योगेश महाजन, भास्कर पाटिल सहित जनप्रतिनिधि और किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रशासन की अपील
खकनार पुलिस ने नदी-नालों के किनारे टीम लगाई और ग्रामीणों से अपील की कि जोखिम उठाकर पानी पार न करें। कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
केला बीमा शीघ्र लागू करें, प्रभावित किसानों को मुआवजा दे सरकार – रघुवंशी
कांग्रेस नेता अजयसिंह रघुवंशी ने जिले में हाल ही में आंधी-बारिश से बर्बाद हुई केले की फसल को लेकर सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक केवल घोषणाएँ करने में व्यस्त रहते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
रघुवंशी ने कहा कि जिले का किसान केले की फसल बर्बाद होने और गिरते दामों से परेशान है। लोनी, हतनुर, बोहरडा सहित कई इलाकों में फसल को भारी नुकसान हुआ है। चिल्लारा क्षेत्र में तो तीन ट्रैक्टर पानी में बह गए, लेकिन किसी भी भाजपा नेता ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत सर्वे कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी सरकार से बातचीत कर केले की फसल का बीमा योजना शीघ्र लागू कराएँ, ताकि भविष्य में किसानों को राहत मिल सके।