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हिन्दू संगठनों ने जताया था आक्रोश, गठित समिति का पता नहीं
बुरहानपुर। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हमीद काजी के बेटे नूर काजी की ओर से गणपति नाका क्षेत्र में संचालित निमाड़ वैली स्कूल पर शिक्षा विभाग खासा मेहरबान है। विभाग पूर्व विधायक और उनके बेटे के सामने पूरी तरह नतमस्तक है। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि दो बार गंभीर आरोप लगने के बाद भी शिक्षा विभाग ने पूर्व विधायक, उनके बेटे को क्लिन चिट दे दी है।
दरअसल मामला दो माह पहले निमाड़ वैली स्कूल में हुए युवक कांग्रेस की चुनावी वोटिंग का है। इस दौरान फर्जी वोटिंग की शिकायत खुद कुछ कांग्रेस नेताओं ने की थी। बाद में यह बात सामने आई थी कि हिन्दू छात्राओं को भी मुस्लिम बताकर उनके नाम बदलकर, घर से मोबाइल बुलवाकर, ओटीपी लेकर फर्जी वोटिंग कराई गई थी। इसके बाद हिन्दू संगठनों ने आक्रोश जताया था। थाने के सामने बैठकर भी विरोध प्रदर्शन किया गया था तब एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन समिति में कौन कौन लोग थे यह आज तक सामने नहीं आया न ही समिति की रिपोर्ट पता चली है। पूरे मामले की जांच डीईओ को करना थी, लेकिन डीईओ ने जाँच की खानापूर्ति कर एक बार फिर से पूर्व विधायक के बेटे को क्लिन चिट दे दी। इससे पहले वक्फ बोर्ड की लीज की भूमि के मामले में तत्कालीन कलेक्टर ने पूर्व विधायक पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तब भी शिक्षा विभाग ने पूर्व विधायक को बचा लिया था। अब फिर से विभाग ने पूर्व विधायक और उनके बेटे पर मेहरबान है।
डीईओ दोबारा प्रतिवेदन मांगने की तैयारी में
जांच में यह बात सामने आई थी कुछ आसामाजिक तत्व स्कूल में आए थे और कुछ गतिविधियां की थी। एक छात्रा ने बेड टच की भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी आज तक शिक्षा विभाग ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। अब डीईओ एक बार फिर से शाला प्रबंधन को पत्र लिखकर प्रतिवेदन मांगने की बात कह रहे हैं।
डीईओ बोले- एक शिकायत बेड टच से संबधित भी थी
इसे लेकर डीईओ संतोष सिंह सोलंकी ने कहा- मामले की दो प्राचार्य के माध्यम से जांच कराई गई। बच्चों के लिखित बयान लिए गए। एक बात बेड टच से संबंधित थी, लेकिन अधिकांश ने मना किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। यह जरूर कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व यहां आकर गतिविधि कर रहे थे। कुछ बच्चों ने कहा बाहरी व्यक्ति आए थे, लेकिन स्पष्ट जानकारी नहीं दी। हॉल में बंद करने की बात भी सामने आई थी, लेकिन बच्चों ने इससे इनकार करते हुए कहा कि हॉल में बंद नहीं किया गया था, बैठाया गया था। फिर भी एक बार पुनः स्पष्ट अभिमत के लिए स्कूल प्रबंधन को लिखेंगे। हम पुलिस की कार्रवाई से अवगत नहीं हैं। कुछ बिंदु ऐसे हैं जिन पर संस्था से मिलने वाले प्रतिवेदन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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