बुरहानपुर। संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ ग्वालियर के एक अधिवक्ता द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी का विरोध सोमवार को बुरहानपुर में तेज़ी से फूट पड़ा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति व कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिवक्ता अनिल मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बसपा जिला प्रभारी सुनील नायके ने बताया कि अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर बाबा साहब के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है, जो कि ‘ग्वालियर ऑन लाइव’ प्लेटफॉर्म से कुलदीप गवई की आईडी के जरिए वायरल हो रही है। इस बयान ने समाज के हर तबके को गहराई से आहत किया है।
नायके ने कहा बाबा साहब अंबेडकर संविधान निर्माता थे, उन्होंने दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाए। उन पर अमर्यादित टिप्पणी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। हम मांग करते हैं कि आरोपी अधिवक्ता पर देशद्रोह, एससी/एसटी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए।
ज्ञापन में दर्ज आक्रोश
ज्ञापन में लिखा गया है कि बाबा साहब अंबेडकर न केवल संविधान निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री और भारत रत्न से सम्मानित सच्चे राष्ट्रभक्त थे। उनका राष्ट्र निर्माण में योगदान किसी भी अन्य नेता से कहीं अधिक है। ऐसे में उनके खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी न सिर्फ़ समाज के आत्मसम्मान पर चोट है, बल्कि राष्ट्र के सम्मान का भी अपमान है।
हमारे लिए भगवान समान
कलेक्ट्रेट पहुंचे समाज के लोगों ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर दलित, पिछड़े, गरीब, महिला और वंचित समाज के लिए मसीहा ही नहीं, बल्कि भगवान के समान हैं। वे हमारे अधिकारों के रक्षक और उम्मीद की किरण हैं। लोगों ने कलेक्टर से कहा कि अगर ऐसे लोगों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाज चुप नहीं बैठेगा।
अब प्रशासन पर टिकी निगाहें
इस घटना के बाद बुरहानपुर ही नहीं, बल्कि पूरे अंबेडकरवादी समाज में गुस्सा है। लोग चाहते हैं कि ऐसे बयानबाज़ों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले ताकि भविष्य में कोई भी संविधान निर्माता और महान राष्ट्रभक्त के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने की हिम्मत न कर सके।