बुरहानपुर। जिले के लिए यह ऐतिहासिक पल है। वर्षों से लंबित रही मान्यता और सीट वृद्धि की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। पूर्व मंत्री एवं विधायक अर्चना चिटनिस के निरंतर प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है।
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM), नई दिल्ली ने पंडित शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय, बुरहानपुर को 50 से बढ़ाकर 60 सीटों की अनुमति दी है। इसके साथ ही EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की सीटों को मिलाकर कुल 73 विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा।
आयोग ने दी अनुमति, कॉलेज को नई ऊर्जा
आयोग ने हाल ही में 2025-26 सत्र के लिए मान्यता जारी रखते हुए सीट वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब इस महाविद्यालय में देश और राज्य के विद्यार्थी बीएएमएस (BAMS) पाठ्यक्रम के तहत प्रवेश लेकर अपनी चिकित्सा यात्रा शुरू कर सकेंगे। सीटों की वृद्धि से न केवल विद्यार्थियों को फायदा होगा, बल्कि जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को भी नया बल मिलेगा।
“दीदी” के प्रयासों से फिर लौटी पहचान
कुछ वर्ष पहले यह महाविद्यालय मान्यता से वंचित हो गया था। आवश्यक मापदंडों की पूर्ति न होने के कारण सत्र बंद होने की स्थिति बन गई थी। लेकिन अर्चना चिटनिस ने इस मुद्दे को ठान लिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार, और केंद्रीय राज्य आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव से लगातार मुलाकातें कीं। उनकी पहल पर कॉलेज की अधोसंरचना, अस्पताल व्यवस्था, शिक्षण स्टाफ और लैब सुविधाओं को राष्ट्रीय आयोग के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया।
यह बुरहानपुर के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है
यह बुरहानपुर के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय राज्य आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव और आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार के सहयोग से यह संभव हुआ। अब हर साल 73 विद्यार्थी डॉक्टर बनेंगे — यह केवल संख्या नहीं, बल्कि बुरहानपुर के लिए नई दिशा और पहचान है।
— अर्चना चिटनिस, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री
कॉलेज में अब होगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
अर्चना चिटनिस ने महाविद्यालय की पुनर्मान्यता के बाद उसके हर विभाग में सुधार कराया।
- अस्पताल भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया।
- शिक्षकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कराई गई।
- छात्रों के लिए नई प्रयोगशालाएँ और हर्बल गार्डन विकसित किए गए।
- लाइब्रेरी और हॉस्टल की व्यवस्थाएँ भी बेहतर की गईं।
इन सुधारों के बाद आयोग ने कॉलेज को लगातार सत्र 2025-26 की मान्यता जारी रखी और सीट वृद्धि का प्रस्ताव स्वीकृत किया।
मुख्य तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| पुरानी सीटें | 50 |
| नई सीटें | 60 (सामान्य) + EWS सहित कुल 73 |
| पाठ्यक्रम | BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) |
| मान्यता देने वाला संस्थान | भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM), नई दिल्ली |
| सत्र | 2025-26 |
| प्रमुख भूमिका | अर्चना चिटनिस, विधायक एवं पूर्व मंत्री |
| स्थान | पंडित शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय, बुरहानपुर |
भविष्य के लिए नई उम्मीद
सीट वृद्धि से बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी, जलगांव, धुले जैसे आस-पास के जिलों के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। अब हर वर्ष 73 नए आयुर्वेद चिकित्सक समाज की सेवा के लिए तैयार होंगे। यह फैसला न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए भी वरदान साबित होगा।