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नेपानगर विधायक की शिकायत के बाद शुरू हुई है अस्पतालों की जांच
बुरहानपुर। आयुष्मान योजना में हो रहे फर्जीवाड़े और मनमानी की शिकायत दो दिन पहले ही नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कलेक्टर हर्ष सिंह से की थी। कलेक्टर ने सीएमएचओ को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके चलते रविवार को सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा टीम के साथ बालाजी अस्पताल पहुंचे। यहां कईं लापरवाही नजर आने के बाद भी सीएमएचओ ने अस्पताल को एक तरह से क्लिन चिट दे दी जबकि अस्पताल में बेसमेंट में आईसीयू संचालित हो रहा है। आयुष्मान की रेट लिस्ट भी गायब थी। एक्सट्रा चार्जेस की शिकायतें लगातार आने के बाद भी इसे लेकर कोई एक्शन सीएमएचओ ने नहीं लिया।
गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 5 लाख रूपए का मुफ्त इलाज दिया जाता है, लेकिन इसके तहत रजिस्टर्ड अस्पताल गरीब परिवारों के मरीजों के साथ मनमानी करते हैं। न तो उन्हें इलाज में कितना पैसा लगा यह बताया जाता है न ही ट्रीटमेंट की कॉपी दी जाती है। यही वजह है कि नेपानगर विधायक मंजू दादू ने दो दिन पहले कलेक्टर को इन तथ्यों से अवगत कराकर जांच की मांग की थी। रविवार को सीएमएचओ ने जांच की और कुछ रिकार्ड भी लिए है, लेकिन फिलहाल उसकी जांच की बात कही जा रही है।
बोले- डिग्री रजिस्ट्रेशन की जांच करेंगे
सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने कहा कलेक्टर के निर्देश पर आज रूटीन निरीक्षण किया गया। आयुष्मान कार्ड योजना की जांच की जा रही है। लगातार शिकायतें मिल रही थी कि अधिकांश अस्पतालों मे एक्सट्रा चार्ज लिए जाते हैं। अतिरिक्त चार्ज नहीं लिए जाएं इसे लेकर कलेक्टर के निर्देश हैं। जितने भी अस्पताल हैं उनकी कल मिटिंग भी रखी गई है। सभी को अपने यहां रेट लिस्ट डिस्प्ले करना होगी। मरीजों को यह बताया जाएगा कि कितना खर्च हो रहा है, लेकिन अस्पताल अभी यह बात नहीं बताते। कल की बैठक में सारी चीजें बता दी जाएगी। मरीज को ट्रीटमेंट की कॉपी दी जाएगी। आज अनियमितता कुछ नहीं मिली। डिग्री, रजिस्ट्रेशन की जांच करेंगे। कर्मचारियों को वेरीफाई करेंगे।
नजर आई जिला अस्पताल के डॉक्टरों की नेम प्लेट
निरीक्षण के दौरान बालाजी अस्पताल में जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ प्रतीक चौधरी और राजेश सोलंकी के नामों की नेम प्लेट नजर आई, लेकिन इसे भी सीएमएचओ ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा नेम प्लेट हटाने को कहा गया है। सीएमएचओ ने कहा प्रतीक चौधरी यहां नहीं आते, लेकिन उनकी नेम प्लेट लगी है उसे हटाने को कहा है। वहीं डॉ. राजेश सोलंकी को लेकर कहा कि वह प्रॉपर्टी के सिलसिले में आते हैं। इसी तरह बेसमेंट में आईसीयू संचालित किए जाने को लेकर भी सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को क्लिन चिट दे दी कि वह एक्जिट बनाया गया है।
संचालक ने कहा, कोई अनियमितता नहीं मिली
इसे लेकर संचालक अक्षय दलाल ने कहा- सीएमएचओ ने आयुष्मान के डॉक्यूमेंट, अस्पताल के डॉक्यूमेंट चेक किए गए। अब तक हमें कोई रेट लिस्ट नहीं दी गई थी। अब बताया गया है कि रेट लिस्ट लगाना है। बिल भी देने को कहा है। हमारे यहां कोई सरकारी डॉक्टर को नहीं रहते। डॉ. प्रतीक चौधरी भी नहीं आते। डॉ. राजेश सोलंकी की बिल्डिंग है इसलिए उन्हें यहां आने से नहीं रोक सकता। वह कोई सेवाएं नहीं देते।