बुरहानपुर। इंदौर–इच्छापुर फोरलेन निर्माण में आड़े आ रहे धार्मिक स्थलों को ससम्मान हटाने का प्रशासनिक अभियान बुधवार सुबह पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ शुरू हुआ। प्रशासन के इस कदम को आमजन का जबरदस्त समर्थन मिला। सबसे खास बात किसी तरह का विरोध नहीं, बल्कि लोग खुद आगे बढ़कर सहयोग करते नजर आए।
सुबह 7 बजे से ही प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड में आ गया। हाईवे पर सुरक्षा के लिहाज से 500 से अधिक पुलिसकर्मी, अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए। वहीं, 15 से अधिक धार्मिक स्थल जो फोरलेन के बीच आ रहे थे, उन्हें पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से ससम्मान हटाया गया।
विकास में नहीं बनेगी आस्था बाधक
फोरलेन निर्माण में शिकारपुरा थाने से लेकर गणपति नाका तक 12 मंदिर और मजारें रास्ते में आ रही थीं। जिला प्रशासन ने पहले ही इन स्थलों की पहचान कर संबंधित समितियों और लोगों से संवाद किया था। अभियान की शुरुआत में कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार, एडीएम वीर सिंह चौहान, एएसपी ए.एस. कनेश और सीएसपी गौरव पाटील स्वयं मौके पर मौजूद रहे। कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया यह अभियान किसी आस्था को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि विकास को गति देने के लिए है। जनता ने प्रशासन का जो सहयोग किया है, वह प्रेरणादायक है।
सख्त सुरक्षा, लेकिन शांति बनी रही
अभियान के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखी। आसपास के इलाकों से 300 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। बड़े वाहनों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया। हर स्थल पर पुलिस अधिकारी, निगम अमला और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। एएसपी ए.एस. कनेश ने कहा धार्मिक स्थलों को फोरलेन से हटाने के लिए 500 से अधिक बल लगा है। जनता का सहयोग उल्लेखनीय है। सभी स्थल सम्मानपूर्वक हटाए जा रहे हैं।
पेड़ों और ढाँचों को भी हटाया जा रहा है
फोरलेन के रास्ते में आने वाले पेड़ों और अन्य निर्माणों को भी सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है। एडीएम वीर सिंह चौहान ने बताया कि आमजन की उपस्थिति और सहयोग से पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावना को ठेस न पहुँचे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
हिन्दू महासभा ने जताया आभार
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी एवं प्रदेश प्रवक्ता ओम आज़ाद ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा नगर निगम प्रशासन ने विकास में बाधक मंदिर-मजारों के अतिक्रमण हटाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन का अभिनंदन एवं साधुवाद। उन्होंने कहा कि यह अभियान यह साबित करता है कि जब प्रशासन और जनता साथ हों, तो विकास में कोई बाधा नहीं रह सकती।
शांतिपूर्वक अभियान बना मिसाल
बुरहानपुर का यह अभियान प्रशासनिक दृष्टि से तो सफल रहा ही, लेकिन जनसहयोग की मिसाल भी बन गया। धार्मिक आस्था के प्रति सम्मान और विकास के प्रति प्रतिबद्धता, दोनों को संतुलित करते हुए यह प्रयास आगे आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए उदाहरण साबित होगा।