बुरहानपुर। त्योहारों की रौनक के बीच बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने शनिवार को एक मिसाल पेश करते हुए “लोकल फॉर वोकल” को धरातल पर उतारा। उन्होंने अपने परिवार के साथ शहर के फूल चौक और सुभाष चौक बाजार क्षेत्र में पहुंचकर फुटपाथी और छोटे दुकानदारों से दीपावली की पूजन सामग्री खरीदी। पुलिस अधीक्षक किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि आम नागरिक की तरह परिवार संग भीड़ में पहुंचे और दुकानदारों से मिट्टी के दीये, माता लक्ष्मी की मूर्तियां, सिंघाड़े, खील-बताशे और अन्य पूजा सामग्री खरीदी।
‘लोकल फॉर वोकल’ कहने भर की बात नहीं, जीवन में अपनाना भी ज़रूरी: पाटीदार
खरीदारी के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री पाटीदार ने कहा त्योहारों पर स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर उन्हें आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। लोकल फॉर वोकल सिर्फ कहने के लिए नहीं है, इसे अपने जीवन में उतारना भी चाहिए। उन्होंने बताया कि हर साल दीपावली पर वे इसी तरह स्थानीय बाजार से खरीदारी करते हैं ताकि छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों को सहारा मिल सके। उन्होंने कहा छोटे दुकानदारों के लिए दीपावली का समय सबसे बड़ा अवसर होता है। अगर हम उनसे खरीदें, तो उनकी भी दीपावली खुशियों से भर सके।
बाजार में दिखी रौनक, दुकानदारों के चेहरे खिले
एसपी के अचानक बाजार पहुंचने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल बन गया। फूल चौक और सुभाष चौक के दुकानदारों ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस अधीक्षक ने लोकल व्यापारियों से खरीदारी की हो। हर साल वे आते हैं, प्यार से बात करते हैं, हमारा हौसला बढ़ाते हैं। एक दीया विक्रेता ने मुस्कुराते हुए कहा उनकी इस पहल ने न सिर्फ बाजार की रौनक बढ़ाई बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहन दिया।
बाजार का निरीक्षण, ट्रैफिक व्यवस्था पर दिए निर्देश
खरीदारी के बाद श्री पाटीदार ने बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया और दीपावली से पहले यातायात व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारी ट्रैफिक राजेश बारवाल को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाजार क्षेत्र में आने-जाने वाले मार्ग खुले रहें और भीड़ के समय व्यवस्था बनी रहे।
हर कोई बने स्थानीय अर्थव्यवस्था का भागीदार’
पुलिस अधीक्षक ने अंत में नागरिकों से अपील की कि वे भी अपने त्योहारों की खरीदारी स्थानीय बाजारों से करें। उन्होंने कहा हमें बड़े मॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पहले अपने मोहल्ले और शहर के दुकानदारों को याद करना चाहिए। तभी असली अर्थों में लोकल फॉर वोकल का सपना साकार होगा।
पुलिस अधीक्षक की पहल से मिला सामाजिक संदेश
दीपावली पर जहां अधिकांश लोग बड़ी-बड़ी दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की ओर भागते हैं, वहीं बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक की यह सादगीपूर्ण पहल स्थानीय व्यापारियों के लिए प्रेरणा और सम्मान का प्रतीक बन गई है। उनकी यह पहल बताती है कि समाज में बदलाव केवल नीतियों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कदमों से भी संभव है।