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जमकर किया हंगामा, रेणुका मंडी में भी काफी देर तक चला विरोध प्रदर्शन
बुरहानपुर। केला फसल पर बीमा का लाभ नहीं दिए जाने से नाराज किसानों ने गुरूवार को रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय के सामने जमकर हंगामा किया। किसान कलेक्टर से मिलने के लिए अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोका। इस दौरान जमकर धक्कामुक्की, झड़प हुई। इस धक्कामुक्की में कलेक्ट्रेट कार्यालय का कांच से बने मेन गेट का कुछ हिस्सा टूट गया। एएसपी एएस कनेश और एक पुलिसकर्मी को हाथ में मामूली चोट आई तो वहीं सीएसपी को भी हाथ में मामूली खरोंच आई। पुलिस ने किसानों को खदेड़ा। बाद में यहां जमकर नारेबाजी की गई। आपस में भी किसान उलझ गए। इसके बाद वह रेणुका मंडी चले गए। जहां दोपहर 3 बजे मंडी सचिव से भी चर्चा कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
दरअसल फसल बीमा की मांग को लेकर बुरहानपुर में किसानों की ओर से जंगी विरोध प्रदर्शन किया गया। कई किसान अर्धनग्न होकर रैली के रूप में सड़कों पर उतरे हैं। पिछले कुछ दिनों से खकनार के एक किसान किशोर वासनकर ने केला उपज के सही दाम नहीं मिलने, केला फसल का बीमा नहीं होने से नाराज होकर शर्ट, चप्पल पहनना छोड़ दिया। वह अब अर्धनग्न ही रह रहे हैं, जिले के किसानों का उनको काफी समर्थन मिल रहा है। गुरूवार को भारतीय किसान संघ के साथ काफी संख्या में किसान बैरियर फाटे पर एकत्रित हुए। यहां से दोपहर एक बजे बुरहानपुर पहुंचे। किसानों ने कहा जिले में मौसम आधारित फसल बीमा केला फसल लगाने वाले किसानों को नहीं मिल रहा है जबकि मप्र की सीमा से सटे केवल 20 किमी दूर रावेर में इसका लाभ वहां की प्रदेश सरकार दे रही है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष संतोष महाजन ने कहा भारतीय किसान संघ की ओर से इसे लेकर 2019 से मांग की जा रही है कि केला फसल का बीमा हो, लेकिन कोई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। बुरहानपुर जिले में केला एक जिला एक उत्पाद के रूप में चिन्हित है। इसके बाद भी केला फसल पर बीमा का लाभ नहीं मिल रहा। इसलिए किसानों ने फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
दीपावली के दो दिन पहले से पहनना छोड़ी चप्पल, शर्ट
खकनार के किसान किशोर वासनकर ने दीपावली से दो दिन पहले अपनी शर्ट और चप्पल उतार दी थी। उनका कहना है कि जब तक किसानों को केले का फसल बीमा और एमएसपी पर फसल खरीद की सुविधा नहीं मिलती तब तक वे कपड़े और चप्पल नहीं पहनेंगे। उन्होंने यह प्रण किसानों की बदहाली को उजागर करने के लिए लिया है। वासनकर के अनुसार पूरे भारत में किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल रहा है, लेकिन बुरहानपुर जिले में 2018 से केले की फसल का बीमा बंद कर दिया गया है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दीपावली जैसे त्योहार पर भी किसानों के पास अपने और बच्चों के लिए नए कपड़े और पटाखे खरीदने के पैसे नहीं रहे। इसे लेकर उन्होंने मंगलवार को भी खकनार में रैली निकालकर तहसीलदार जितेंद्र अलावा को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने और केले की फसल का बीमा बहाल करने की मांग की गई थी। केला फसल पर बीमा लाभ की मांग को लेकर खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल लोकसभा में दो बार तो वहीं नेपानगर विधायक मंजू दादू एक बार मप्र विधानसभा में यह मुद्दा उठा चुकी हैं। अब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं हो पाया।
यह है वजह
दरअसल केला फसल पर किसानों को बीमा प्रीमियम का लाभ नहीं मिलता। किसानों का कहना है कि हर साल प्राकृतिक आपदा से केला फसल प्रभावित होती है। मप्र सरकार को ओर से फसल खराब होने पर राजस्व विभाग के आरबीसी नियम 6-4 के तहत मुआवजा दिया जाता है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि इससे फसल की लागत भी नहीं निकल पाती। जबकि हर साल किसानों को सीएमवी वायरस, आंधी, तूफान, बारिश के दौरान नुकसानी उठाना पड़ती है। इस साल भी जिले में तीन बार प्राकृतिक आपदा के कारण अलग अलग गांवों में केला फसल खराब हुई थी। जिसका मुआवजा उतना नहीं मिलता। अगर मौसम आधारित फसल बीमा लागू हो तो किसानों को इसका उचित और पूरा लाभ मिले।
किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया
– किसानों ने आज विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वह कलेक्टर कार्यालय के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। किसी को कोई चोट नहीं आई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। – गौरव पाटील, सीएसपी बुरहानपुर