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लोहार मंडी से आलमगंज तक डायरिया की दस्तक, 5 वार्डों में दहशत का माहौल
बुरहानपुर। शहर में डायरिया ने दस्तक दे दी है। करीब 5 वार्डों में 25 से अधिक लोग, जिनमें ज्यादातर बच्चे, डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। जिला अस्पताल में सभी मरीजों का उपचार जारी है। स्थिति गंभीर होती देख कलेक्टर हर्ष सिंह लोहार रविवार को खुद फील्ड में उतर आए वे आलमगंज, लोहार मंडी, सिंधीपुरा और आजाद नगर की गलियों में पैदल घूमे, घर-घर जाकर हाल पूछा और डायरिया फैलने के कारणों की जानकारी ली।
रविवार सुबह करीब 11:30 बजे कलेक्टर ने अफसरों की टीम के साथ फील्ड निरीक्षण किया। टीम में एडीएम वीर सिंह चौहान, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, तहसीलदार प्रवीण ओहरिया और सीएमएचओ डॉ. आर.के. वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने जब स्थानीय लोगों से पूछा कि डायरिया कैसे फैला, तो अधिकांश ने कहा साहब, पानी गंदा आ रहा है। बच्चों को वही पानी पीने से दस्त लग गए।
वार्डों में दूषित पानी से फैला संक्रमण
डायरिया का प्रकोप आलमगंज, सिंधीपुरा, आजाद नगर, लोहार मंडी और राजेंद्र प्रसाद वार्ड में सबसे ज्यादा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निजी कंपनी की जल आपूर्ति लाइन में गंदा पानी घुस रहा है।
राजेंद्र प्रसाद वार्ड के पार्षद अबरार साहब ने कहा, हमारे वार्ड में पिछले कई दिनों से पानी मटमैला आ रहा है। शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
नगर निगम आयुक्त बोले— रिपोर्ट नॉर्मल, पर स्त्रोत की जांच जारी
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा लोहार मंडी और आलमगंज क्षेत्र में हमारी टीम लगातार काम कर रही है। जिन घरों में मरीज मिले, वहां से पानी के सैंपल लिए गए थे। उनकी रिपोर्ट नॉर्मल आई है, लेकिन हम स्रोत की जांच कर रहे हैं। संभव है, किसी बिंदु से गंदा पानी लाइन में घुस रहा हो। आयुक्त ने बताया कि ज्यादातर मामले दो से तीन साल के बच्चों में सामने आए हैं।
अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 25 से अधिक मरीज डायरिया से भर्ती किए जा चुके हैं।
अधिकांश मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे निगरानी में जुटी है। सीएमएचओ डॉ. आर.के. वर्मा ने बताया सभी मरीजों की हालत नियंत्रण में है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और अपील
सीएमएचओ ने जनता से अपील की उबला हुआ या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएं। ओआरएस घोल तैयार रखें, दस्त या उल्टी होने पर तुरंत सेवन करें। आसपास सफाई और नालियों की सफाई पर ध्यान दें। बच्चों को खुले पानी या बासी भोजन से दूर रखें।
कलेक्टर का सख्त निर्देश– स्रोत ढूंढो, कार्रवाई करो
कलेक्टर हर्ष सिंह लोहार ने मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि डायरिया के फैलने का स्रोत जल्द खोजा जाए, जहां से दूषित पानी मिल रहा है, वहां आपूर्ति तुरंत बंद की जाए, और क्षेत्र में क्लोरीन युक्त पानी ही दिया जाए। उन्होंने कहा यह जनस्वास्थ्य का मामला है, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोगों में डर और सतर्कता दोनों
आलमगंज और सिंधीपुरा की गलियों में लोगों में भय का माहौल है। कई घरों में अब भी बच्चे बीमार हैं। स्थानीय निवासी साजिद शेख बोले हर बार बारिश के बाद यही होता है, नालियों का पानी टंकी में चला जाता है। कलेक्टर आए हैं, उम्मीद है इस बार कार्रवाई होगी।
डायरिया नियंत्रण के लिए लोहार मंडी में स्वास्थ्य शिविर
बुरहानपुर। जिले में डायरिया नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा वार्ड नंबर 25 ,लोहार मंडी क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया ,स्वास्थ्य शिविर में दोपहर 12 बजे तक 22 की ओ पी डी रही। जिसमें 5 मरीज उल्टी दस्त के मिले। 5 मरीजों में से 2 मरीजों को जिला अस्पताल भर्ती के लिए रेफर किया गया।
स्वास्थ्य टीम घर–घर सर्वे कर पीड़ित मरीजों की जानकारी प्राप्त कर रही है और लोगों को क्लोरीन की गोली, ओ आर एस वितरित कर रही है, साथ ही नागरिकों को समझाइश दी जा रही है कि वे पानी को उबाल कर या क्लोरीन की गोली डालकर ही सेवन करे।
वार्डो में आशा, एएनएम और एमपीडब्ल्यू द्वारा घर घर सर्वे किया जा रहा है, लोगों को समझाइश दी जा रही है कि वे पानी को उबालकर या क्लोरीन टेबलेट डालकर ही सेवन करे,दस्त शुरू होने पर ओ आर एस को घोल पिए ,अपने आस पास सफाई का ध्यान रखें ।
डॉक्टर वर्मा ने बताया कि शिविर में निःशुल्क दवाइया और परामर्श दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पानी दूषित है या नहीं इसकी पुष्टि हेतु नगर निगम द्वारा अलग अलग जगह से एवं मरीज के घर से पानी के सेंपल लिए गए है ,जिसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।