बुरहानपुर। लालबाग थाने के तत्कालीन टीआई और वर्तमान में सीसीटीएनएस पदस्थ एपी सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला पर अब मामला उलट गया है। सीजेएम न्यायालय बुरहानपुर ने आरोपी महिला प्रमिला तिवारी उपाध्याय, निवासी कोलार (भोपाल) के खिलाफ बीएनएस की धारा 308-2 और 308-6 के तहत ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कर तलब नोटिस जारी किया है। महिला निजी स्कूल में प्राचार्य है और उसने 2022 में दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया था, परंतु अदालत में पेश तथ्य और साक्ष्यों ने कहानी को पूरी तरह उलट दिया।
एपी सिंह बोले- मुझसे 50 लाख की मांग की गई थी
एपी सिंह ने बताया कि महिला ने अपना नाम बदलकर और वैवाहिक स्थिति छिपाकर उन पर झूठा मामला दर्ज कराया था। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा— महिला और उसके साथियों ने अवैध राशि की मांग की। रकम न देने पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायतें वापस लेने के बदले 50 लाख रुपए तक की मांग की। आत्महत्या की धमकी देकर विभागीय दबाव बनाया गया। एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया, जहाँ 2024 में महिला की याचिका खारिज हुई। उन्होंने कहा आखिरकार सीजेएम न्यायालय ने सच्चाई को स्वीकार किया और न्याय मिला।
अधिवक्ता ने कहा- दुष्कर्म की तारीखों में सिंह अस्पताल में भर्ती थे
गुरुवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ता मोहनलाल प्रजापति ने कहा— दुष्कर्म के जिन दिनों का आरोप लगाया गया, उन दिनों एपी सिंह अटैक के बाद भोपाल अस्पताल में भर्ती थे। चिकित्सकीय रिकॉर्ड और पुलिस जांच में यह बात सही पाई गई। महिला ने एक बार 4 लाख रुपए लिए, फिर 25 लाख और बाद में 50 लाख की मांग की। शिकायत वापस लेने के लिए सौदेबाज़ी, फिर पैसा मिलने पर नया शपथ पत्र देकर उल्टा आरोप लगाना—यह लगातार चलता रहा। इस पूरे खेल में महिला के साथ चार–पाँच अन्य लोग भी सक्रिय थे। अधिवक्ता ने बताया कि महिला ने कई शपथ पत्र दिए— कभी दबाव बताया, कभी फिर वही आरोप दोहराए। अदालत ने इसे ब्लैकमेलिंग का पैटर्न माना।
35 शिकायतें, 10 बार आत्महत्या की धमकी
अधिवक्ता मोहनलाल प्रजापति ने कहा प्रमिला तिवारी द्वारा PHQ (पुलिस मुख्यालय) में 35 शिकायतें, जिनमें 10 शिकायतों में आत्महत्या करने की धमकियाँ देने की बात सामने आई है। शिकायतों में लिखा गया कि— अगर एपी सिंह की पोस्टिंग हुई तो मैं आत्महत्या कर लूँगी। इन धमकियों के चलते विभाग एपी सिंह की नई पदस्थापना को लेकर सावधानी बरत रहा था। अधिवक्ता ने कहा कि यह लगातार बनने वाला मानसिक और विभागीय दबाव था।
नेपानगर में उनके ऊपर जानलेवा हमला भी हुआ था
अधिवक्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में यह भी बताया कि नेपानगर में अतिक्रमणकारियों ने हमला किया था, जिसमें एपी सिंह के कंधे में तीर लगा था। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में भी महिला द्वारा लगातार आरोप लगाना व धन उगाही के प्रयास चिंताजनक थे।
सीजेएम कोर्ट ने दर्ज किया परिवाद — अगली सुनवाई 27 दिसंबर को
एपी सिंह द्वारा प्रमिला तिवारी, उमेश और तेजभान पाल के खिलाफ परिवाद दायर किया गया था।
सीजेएम कोर्ट बुरहानपुर ने बीएनएस की धारा 308-2 और 308-6 के तहत महिला को तलब सूचना पत्र जारी किया है। अगली सुनवाई 27 दिसंबर 2025 को होगी।