नेपानगर/बुरहानपुर। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी डॉक्टर इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद नेपानगर में माहौल उग्र हो गया है। गुरुवार देर रात प्रकरण दर्ज होने के बाद शुक्रवार सुबह से ही विभिन्न हिंदू संगठनों ने नेपानगर थाने का घेराव कर दिया। भीड़ ने जोरदार नारेबाज़ी, सख्त कार्रवाई की मांग और आरोपी के खिलाफ बुलडोज़र चलाने तक की बात कही।
थाने का घेराव, नारेबाज़ी और कड़ी सजा की मांग
दरअसल सुबह 11 बजे के आसपास बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने के बाहर एकत्रित हुए। युवा और महिलाओं सहित कई संगठनों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि नाबालिग के साथ दरिंदगी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाए—फांसी ही एकमात्र सजा है। कार्यकर्ताओं ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी शंकर चौहान और अजित परदेशी ने कहा कि ऐसे मामलों में बुलडोज़र नीति लागू होनी चाहिए ताकि समाज को कड़ा संदेश मिले।
पीड़िता का बयान महत्वपूर्ण, पुलिस ने तुरंत दर्ज किया केस
पुलिस के अनुसार, नाबालिग ने थाने पहुंचकर बयान दिया कि निजी क्लिनिक संचालित करने वाला डॉक्टर इमरान खान ने उसके साथ गलत काम किया। थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल के अनुसार पीड़िता का मेडिकल करवाया गया, बयान दर्ज कराए गए, प्रारंभिक साक्ष्य मिलने पर मामला दर्ज किया गया।
इन गंभीर धाराओं में केस दर्ज
डॉक्टर इमरान खान पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट (POCSO), SC-ST Act की संवेदनशील धाराएँ। इन धाराओं से साफ है कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, क्लिनिक के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
तनाव की आशंका, पुलिस बल तैनात
थाने के बाहर प्रदर्शन बढ़ने से कुछ देर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी कि मामला कोर्ट में तेजी से प्रस्तुत किया जाएगा और कार्रवाई कानून के तहत होगी।
स्थानीय लोगों में भी आक्रोश
आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भी घटना पर नाराजगी जाहिर की। वार्डों में चर्चा रही कि डॉक्टर के नाम पर विश्वास करने वाले परिवारों के साथ यह विश्वासघात जैसा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत और उदाहरणात्मक कार्रवाई होना जरूरी है।
प्रशासन की अपील—अफवाहों से दूर रहें
पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत और भड़काऊ जानकारियों से दूर रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है, लेकिन जांच तथ्यों के आधार पर होगी।