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हनी कंपनी की नकली चाय का भंडाफोड़—बुरहानपुर से चल रहा था करोड़ों का रैकेट

— डुप्लीकेट चाय पैकिंग फैक्ट्री पकड़ी गई, भोपाल टीम की दबिश में दो फर्मों से भारी माल जप्त

On: December 9, 2025 9:03 PM
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बुरहानपुर में नकली चाय पत्ती रैकेट का भंडाफोड़—भोपाल टीम की दबिश में टनों डुप्लीकेट माल जब्त

बुरहानपुर। जिले में चाय पत्ती की कालाबाजारी का बड़ा रैकेट सामने आया है। इंदौर की प्रसिद्ध हनी गोल्ड चाय कंपनी के नाम से नकली लेबल लगाकर घटिया गुणवत्ता की चाय पत्ती की री-पैकिंग कर टनों में आसपास के जिलों में सप्लाई की जा रही थी। शिकायत के बाद भोपाल से कार्रवाई के लिए गठित विशेष टीम ने मंगलवार शाम इंदिरा कॉलोनी और सिंधी बस्ती क्षेत्र में दबिश देकर इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।

दरअसल खरगोन जिले से शिकायत मिलने पर हनी गोल्ड कंपनी के मालिक हनी खत्री ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को पत्र लिखकर बताया कि बाज़ार में उनकी कंपनी से मिलते-जुलते डुप्लीकेट पैकेट सामने आए हैं। जाँच में पता चला कि यह नकली चाय पत्ती बुरहानपुर से बड़े पैमाने पर भेजी जा रही है। भोपाल की टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार शाम 4 बजे इंदिरा कॉलोनी स्थित प्रोमिस चाय कंपनी पर दबिश दी।
यहाँ सुनिल जगनानी और उनके साथी हनी कंपनी जैसी पैकिंग बनाकर डुप्लीकेट चाय की री-पैकिंग कर रहे थे। जांच में काफी मात्रा में खराब क्वालिटी की चाय, लेबल, रोल, पैकिंग मशीनें और डुप्लीकेट पैकेट बरामद हुए। हनी खत्री ने कहा 20 साल से चाय व्यापार में हूँ। यह पूरी तरह ब्रांड, ग्राहकों और सेहत के साथ छल है। हमारा करोड़ों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में बड़े पैमाने पर माल खंडवा, खरगोन और आसपास के जिलों में खपा दिया गया है।

टीम ने कहा—लेबलिंग और क्वालिटी दोनों में खुली गड़बड़ी

खाद्य औषधि विभाग के संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी एच.एल. आवासिया ने बताया कई अन्य ब्रांड के भी नमूने मिले हैं। लेबलिंग, पैकिंग और क्वालिटी में पहली नजर में गंभीर गड़बड़ी दिख रही है। सभी नमूने प्रयोगशाला भेज रहे हैं, रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने मौके से कई तरह का सामग्री रिकॉर्ड में लेकर जब्त की है।

दूसरा बड़ा छापा—सिंधी बस्ती की परीयालदास एंटरप्राइजेज सील

इसी कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिंधी बस्ती स्थित फर्म परीयालदास एंटरप्राइजेज पर भी छापा मारा। प्रोप्राइटर विजय जगनानी की उपस्थिति में 320 किलो असम चाय (₹57,600) और 50 किलो करोड़पति चाय पैक (₹14,000) मौके से जब्त किए गए। सबसे गंभीर बात यह रही कि फर्म बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित हो रही थी, जिसके चलते टीम ने तुरंत संचालन बंद करवाया। फर्म में अस्वच्छ वातावरण, कच्ची पैकिंग और नियमों के विपरीत उत्पादन मिलता पाया गया।

10 नमूने भेजे गए भोपाल लैब—रिपोर्ट आने पर होगी बड़ी कार्रवाई

संभागीय और स्थानीय विभाग की संयुक्त टीम ने कुल 10 नमूने लिए हैं, जिन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर जेल तक की कार्रवाई संभव है। कार्रवाई में टीम प्रभारी हीरालाल आवासिया, कमलेश डावर, राहुल सिंह अलावा, सुभाष खेड़कर और धर्मेंद्र सोनी मौजूद रहे।

कंपनी करेगी 10 करोड़ का हर्जाना दावा

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विनायक पाल चंदानी ने कहा यह मामला ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, फूड सेफ्टी एक्ट और उपभोक्ता सुरक्षा कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। हम 10 करोड़ का दावा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मिथ्याछाप सामग्री, फर्जी लेबल, अमानक चाय, और खतरनाक उत्पादन स्थितियाँ मौजूद थीं। यह न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

जनता के लिए चेतावनी—सस्ती और अनजान ब्रांड की चाय से सावधान रहें

अधिकारियों ने ग्राहकों से अपील की कि सस्ती, बिना बिल और सड़क किनारे बिकने वाली चाय पत्ती खरीदने से बचें। ऐसे उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

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