बुरहानपुर। इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से फैली बीमारी के बाद पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। इसी बीच बुरहानपुर की गुरुगोविंद सिंह कॉलोनी में गंदा पानी आने की शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। मामला सामने आते ही नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में कॉलोनी में दो जगह पाइप लाइन में लिकेज पाया गया, जिसे तुरंत दुरुस्त किया गया।
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले यहां से दो लिकेज की सूचना मिली थी। साथ ही कुछ लोगों के बीमार होने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर 100 से ज्यादा घरों में लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटाई गई।
टाइफाइड की अफवाह, जांच में नहीं मिली पुष्टि
निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यहां 10 टाइफाइड मरीज होने की बात कही जा रही थी, लेकिन जांच में फिलहाल ऐसा कोई केस सामने नहीं आया। एक माह पहले एक घर में डायरिया का मरीज था और एक बच्चा बीमार था, दोनों अब स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर ड्रेनेज पाइप ओवरफ्लो हो रहा था, जिसे भी दुरुस्त कराया गया, साथ ही एक चेंबर की सफाई भी कराई गई।
दो दिन में 50 जगह लीकेज ठीक
निगमायुक्त ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग की एसओपी के तहत पूरे शहर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बीते दो दिनों में शहर के 50 स्थानों पर लीकेज चिन्हित कर उन्हें रिपेयर किया गया है। जहां से भी सूचना मिल रही है, टीम तुरंत मौके पर पहुंच रही है। पानी की शिकायतों के लिए नगर निगम ने टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है, ताकि नागरिक सीधे सूचना दे सकें।
रहवासी बोले— पहले नहीं होती थी सुनवाई
कॉलोनी निवासी कृष्ण नारायण शुक्ला ने बताया कि लंबे समय से गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी, लेकिन नगर निगम ने पहले ध्यान नहीं दिया। जहां से वाल्व बदला जाता है, वहां गंदा पानी भरा रहता था। इसी वजह से लोगों के बीमार होने की आशंका बनी। एक अन्य रहवासी नरेंद्र कामरानी को 25 दिन पहले टाइफाइड हुआ था, जबकि एक बच्चा भी बीमार था, हालांकि अब दोनों ठीक हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग की टीम सेक्टर सुपरवाइजर विजय कुमार सोनी, एएनएम कविता साने, सोनाली नेवे और आशा कार्यकर्ता कॉलोनी पहुंचीं और बीमार हुए लोगों की सूची तैयार की। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि बुरहानपुर में इंदौर जैसी स्थिति न बनने पाए।