बुरहानपुर। जैनाबाद निवासी वैष्णवी चौहान की हकीमी अस्पताल में हुई संदिग्ध मौत का मामला अब जनआक्रोश का रूप ले चुका है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में सकल हिन्दू समाज, पीड़ित परिवार और समाजजन बड़ी संख्या में पहुंचे और प्रशासन को सीबीआई जांच की मांग वाला ज्ञापन सौंपते हुए दो टूक चेतावनी दी—अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी। दो महीने बीत जाने के बाद भी न एफआईआर, न गिरफ्तारी और न ही ठोस जांच—इसी बात को लेकर लोगों में भारी आक्रोश नजर आया।
हिन्दूवादी नेता अजीत परदेसी ने जनसुनवाई में तीखे शब्दों में कहा हकीमी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर प्रशासन ने अपने हाथ झाड़ लिए। यह सिर्फ दिखावटी कार्रवाई है। वैष्णवी की मौत अकुशल डॉक्टरों द्वारा की गई लापरवाही का नतीजा है। अगर समय पर एफआईआर होती तो आज परिवार को न्याय मिल चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में बिना योग्यता वाले डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया गया।
एक नहीं, कई मौतें – अस्पताल बना ‘मौत का घर’?
परदेसी ने कहा कि हकीमी अस्पताल में पहले पत्नी वैष्णवी की मौत, फिर पति नागेश की मौत- यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अस्पताल में पहले भी कई लोग ऑपरेशन के दौरान अपने अंग गंवा चुके हैं और कई परिवार अपने पुत्र, पति और पिता को खो चुके हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा रहा। यही नहीं 31 दिसंबर 2025 को स्व. नागेश चौहान की मौत को भी उन्होंने संदिग्ध बताते हुए कहा कि इस घटना में भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं और इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है।
सीबीआई जांच नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन
सकल हिन्दू समाज की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिनों के भीतर सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई और दोषियों पर आपराधिक केस दर्ज नहीं किया गया, तो हकीमी अस्पताल को लेकर जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
जन सुनवाई में यह भी आई शिकायतें
- जन सुनवाई में बीए, बी-कॉम संकाय के विद्यार्थी पहुंचे उन्होंने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा, कईं हमारी यूनिवर्सिटी क्रांति सूर्य टंट्याभील विश्वविद्यालय द्वारा कईं परीक्षार्थियों का परिणाम अनुत्तीर्ण बताया गया। छात्र आकाश गायकवाड़ ने बताया परीक्षा परिणाम आनलाइन देखने के लिए 177 रूपए शुल्क यूनिवर्सिटी द्वारा लिया जा रहा है। सरकारी यूनिवर्सिटी होने के बाद भी यह चार्ज लग रहा है।
- ट्रांसपोर्ट नगर में रहवासियों, दुकानदारों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ढाई महीने पहले उतावली नदी से नगर निगम ने कनेक्शन काट दिया, क्योंकि नई पेयजल परियोजना चालू हुई है। नगर निगम को शिकायत भी कर चुके लेकिन पानी की समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।