बुरहानपुर। बोहरा समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाने वाली दरगाह-ए- हकीमी में एक बार फिर करंट ने जान ले ली। गणपति थाना क्षेत्र स्थित दरगाह परिसर में इलेक्ट्रिक काम के दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी युवक रवि की करंट लगने से मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा में लापरवाही का बड़ा संकेत है, क्योंकि इसी परिसर में पहले भी करंट लगने से मौत का मामला सामने आ चुका है। यानी साफ है—आस्था के इस बड़े केंद्र में विद्युत सुरक्षा आज भी सवालों के घेरे में है।
प्रत्यक्षदर्शी और साथ काम कर रहे इलेक्ट्रीशियन नीतीश मिश्रा के मुताबिक, वे लोग पिछले करीब 3 महीने से दरगाह परिसर में काम कर रहे हैं। बुधवार को काम के दौरान रवि ड्रिल मशीन से इलेक्ट्रिक फिटिंग कर रहा था, तभी अचानक उसे तेज करंट लगा और वह वहीं गिर पड़ा। तत्काल साथियों ने उसे निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पहले भी हो चुकी है मौत, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दरगाह-ए-हकीमी में करंट लगने से मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी परिसर में इसी तरह की घटना हो चुकी है। लगातार हो रहे हादसे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि क्या परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हैं? क्या काम करने वालों को सेफ्टी किट, ग्लव्स, इंसुलेशन और अर्थिंग की जांच मिल रही है?
पुलिस ने शुरू की जांच, बयान दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई चैतन ने बताया कि रवि दरगाह परिसर में काम कर रहा था। इलेक्ट्रिक कार्य के दौरान करंट लगने से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुआवजे और जांच की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है। समाजसेवी सचिन गाढे ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मांग की कि मृतक के परिजनों को नियमों के अनुसार मुआवजा मिले, परिसर की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए कड़ी कार्रवाई हो।