बुरहानपुर। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शहर से लेकर गांव तक बहस छेड़ दी है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने गांव शाहपुर के एक युवक पर सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर शादी और इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने, गलत नीयत से छेड़छाड़ करने और फोटो वायरल करने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्नैपचैट से इंस्टाग्राम तक… और फिर मुलाकातों का सिलसिला
छात्रा के मुताबिक, अप्रैल 2025 में शाहपुर निवासी अरशद नामक युवक ने स्नैपचैट पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। पहले सामान्य और दोस्ताना बातचीत हुई। करीब एक सप्ताह बाद युवक ने इंस्टाग्राम पर भी कनेक्ट किया और फिर नियमित चैटिंग शुरू हो गई। जुलाई में दोनों की पहली मुलाकात बुरहानपुर के एक रेस्टोरेंट में हुई। इसके बाद 5-6 बार अलग-अलग जगहों पर मुलाकातें हुईं। छात्रा का आरोप है कि युवक उसे कैफे में बुलाता था और असीरगढ़ व ठाटर खामला जैसे स्थानों पर भी लेकर गया।
गलत संबंध बनाओ, फिर भागकर शादी करेंगे… छात्रा का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि मुलाकातों के दौरान युवक ने गले में हाथ डालकर सेल्फी ली और गले व कमर पर गलत तरीके से छुआ। विरोध करने पर वह शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगा।
छात्रा के अनुसार, युवक ने चैट और कॉल पर कहा कि दोनों भागकर शादी कर लेंगे और उसे इस्लाम कबूल करना होगा। जब उसने इनकार किया तो फोटो वायरल करने की धमकी दी।
घर से बुलाया, परिजन तलाशते रहे…
छात्रा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे युवक के दबाव में वह घर से बिना बताए निकली। युवक ने उसे गार्डन के पास बुलाया था। कुछ देर वहां रुकने के बाद वह मॉल की ओर चली गई। इधर परिवार उसे तलाश रहा था। चाचा के बेटे ने बुरहानपुर में उसे देख लिया और सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे साथ लेकर गांव आए। फिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
शाहपुर थाने में केस दर्ज, मोबाइल चैटिंग खंगालेगी पुलिस
शाहपुर थाना क्षेत्र पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और दुष्कर्म के प्रयास की पुष्टि होती है तो कड़ी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
शहर में सियासी और सामाजिक हलचल
मामले के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने इसे “लव जिहाद” से जोड़ते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि नाबालिग छात्राओं को सोशल मीडिया के जरिए निशाना बनाया जा रहा है, जिस पर कड़ी निगरानी जरूरी है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले अफवाहों से बचें और कानून व्यवस्था बनाए रखें।
‘लव ट्रैप’ के 5 पैटर्न – ऐसे बिछाया जाता है जाल
1️⃣ सोशल मीडिया से एंट्री
फेक या आकर्षक प्रोफाइल बनाकर स्नैपचैट-इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट। शुरुआत सामान्य बातचीत से।
2️⃣ भावनात्मक जुड़ाव की रणनीति
कुछ ही दिनों में “केयर”, “प्यार” और “शादी” की बातें। परिवार से दूरी बनाने की कोशिश।
3️⃣ अकेले मिलने का दबाव
कैफे, रेस्टोरेंट या सुनसान जगहों पर बुलाना। साथ में फोटो/वीडियो लेना।
4️⃣ शारीरिक संबंध या भागकर शादी का दबाव
“हम भाग जाएंगे”, “सब ठीक हो जाएगा” जैसे वादे। कई मामलों में धर्म परिवर्तन की शर्त।
5️⃣ ब्लैकमेल और धमकी
फोटो वायरल करने या बदनाम करने की धमकी देकर दबाव बनाना।
कानूनी विश्लेषण: क्या कहता है कानून?
मध्यप्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के मामलों पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
मध्यप्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021
- धोखे, दबाव, लालच या शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन कराना अपराध।
- नाबालिग, महिला या अनुसूचित जाति/जनजाति के मामले में सजा और कठोर।
- दोषी पाए जाने पर कई वर्षों तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान।
इसके अलावा, यदि नाबालिग से छेड़छाड़, दुष्कर्म का प्रयास या ब्लैकमेल के साक्ष्य मिलते हैं तो भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धाराएं भी लग सकती हैं।