बुरहानपुर। उनगर लालबाग क्षेत्र में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया। प्रतिमा के लिए पहले से तैयार किए गए सीमेंट-कांक्रीट स्ट्रक्चर को नगर निगम द्वारा तोड़कर पीछे किए जाने से समाजजनों में भारी नाराजगी फैल गई। शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में समाजजन नगर पालिका निगम पहुंचे और निगम आयुक्त के नहीं मिलने पर उनके चेंबर के सामने धरने पर बैठ गए। माहौल इतना गरमाया कि निगम प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी तक दे दी गई।
समाजजनों का आरोप है कि तीन साल से प्रतिमा स्थापना को लेकर लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन हर बार नया कारण बताकर काम टाल दिया जाता है। अब जब स्ट्रक्चर तैयार हो चुका था, उसे तोड़कर पीछे करने का निर्णय समाज को स्वीकार नहीं है।
पार्षद बोलीं— हर बार सिर्फ तारीख मिलती है, काम नहीं होता
शिवाजी नगर लालबाग की पार्षद मीना सुरवाड़े ने निगम प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना को लेकर लगातार समाज को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी आठ दिन, कभी दस दिन में काम पूरा होने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तैयार स्ट्रक्चर ही तोड़ दिया गया। उनका कहना था कि इससे साफ दिखता है कि प्रशासन की मंशा प्रतिमा स्थापित करने की नहीं है। समाज अब और इंतजार के मूड में नहीं है।
तीन साल से संघर्ष, भूख हड़ताल तक करनी पड़ी
पार्षद प्रतिनिधि महेंद्र सुरवाड़े ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमा के लिए समाज पिछले तीन वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर उन्होंने भूख हड़ताल और अनशन तक किया था। उसी दौरान निगम आयुक्त ने अनशन समाप्त करवाकर जल्द काम शुरू कराने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि प्रतिमा कार्य के लिए तीन बार टेंडर निकले, वर्क ऑर्डर जारी हुआ और स्ट्रक्चर भी बन गया, लेकिन अब अचानक कहा जा रहा है कि स्ट्रक्चर गलत जगह बन गया है और इसे पीछे किया जाएगा।
महेंद्र सुरवाड़े ने स्पष्ट कहा कि जिस स्थान पर पहले से स्वीकृति मिली और वर्क ऑर्डर जारी हुआ, वहीं प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए। यदि स्थान बदला गया तो समाज उग्र आंदोलन करेगा।
कमिश्नर से मिलने पहुंचे तो बताया गया— नेपानगर में हूं
समाजजनों का आरोप है कि जब वे अपनी बात रखने निगम पहुंचे तो आयुक्त मिलने के लिए उपलब्ध नहीं थे। बताया गया कि वे नेपानगर में हैं, जबकि उसी समय स्ट्रक्चर स्थल पर जाकर ठेकेदार को नक्शा दिखाए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसी बात से नाराज समाजजन निगम कार्यालय में धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बसपा ने भी खोला मोर्चा, कहा— यह भेदभाव है
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रमोद गाढ़े ने आरोप लगाया कि नगर निगम और महापौर जानबूझकर प्रतिमा स्थापना में देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल से बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित नहीं होने देना समाज के साथ भेदभाव जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि तैयार स्ट्रक्चर तोड़ना सीधे तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग है। यदि चिन्हित स्थान पर प्रतिमा नहीं लगी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आयुक्त का पक्ष— आपत्ति आई थी, इसलिए बदला निर्णय
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि स्ट्रक्चर को लेकर आपत्ति प्राप्त हुई थी, इसलिए उसे पीछे करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में सुझाव दिया गया था। आयुक्त ने कहा कि वे फिलहाल मुख्यमंत्री आगमन की तैयारियों के सिलसिले में नेपानगर में हैं, बुरहानपुर पहुंचकर पूरे मामले की स्थिति समझेंगे।
मामला अब सिर्फ प्रतिमा का नहीं, सम्मान का बन गया
लालबाग में बाबा साहब की प्रतिमा को लेकर चल रहा यह विवाद अब प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर सामाजिक सम्मान का मुद्दा बनता जा रहा है। समाजजनों का साफ कहना है कि तय स्थान से पीछे हटना स्वीकार नहीं होगा। अगर प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में यह मामला शहर में बड़ा आंदोलन बन सकता है।