बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आधी रात पुलिस चेकिंग देखकर अर्टिगा कार छोड़कर अंधेरे में भागे चार संदिग्धों में से दो आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। जिस कार को छोड़कर आरोपी पुलिस से बच निकले थे, वही कार उन तक पहुंचने की सबसे अहम कड़ी बन गई। वाहन के मालिक और उसकी खरीद-बिक्री की परतें खंगालते हुए नेपानगर पुलिस इंदौर के खजराना तक पहुंची और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
मामला इसलिए भी गंभीर है कि कार की तलाशी में पुलिस को नकबजनी, चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। उनके नेपानगर आने के उद्देश्य और अन्य मामलों से संभावित संबंध की भी पड़ताल की जा रही है।
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रात 11 से 2 बजे तक चेकिंग, पुलिस दिखी तो कार वहीं छोड़ी
दरअसल घटना 18 अगस्त की रात की है। जिले में चोरी की घटनाओं को देखते हुए एसपी आशुतोष बागरी ने थाना और चौकी प्रभारियों को रात में सघन जांच के निर्देश दिए थे। इसी के तहत नेपानगर के मनोज टॉकीज क्षेत्र में रात करीब 11 से 2 बजे तक पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान महाराष्ट्र नंबर की अर्टिगा कार वहां पहुंची। पुलिस को सामने देखकर कार में सवार चार लोग वाहन छोड़कर भाग निकले। रात और अंधेरे का फायदा मिलने से चारों उस समय पुलिस के हाथ नहीं आए। चार लोगों के अचानक कार छोड़कर भागने से पुलिस का संदेह बढ़ा। इसके बाद वाहन को कब्जे में लेकर तलाशी ली गई।
कार में मिले औजारों ने बढ़ाया शक, टल गई संभावित वारदात
पुलिस के मुताबिक अर्टिगा की तलाशी में ऐसी सामग्री मिली, जिसका इस्तेमाल लूट, डकैती, चोरी और नकबजनी में किया जा सकता है। इससे आशंका बनी कि कार सवार किसी वारदात की तैयारी में हो सकते थे। हालांकि वे किस स्थान को निशाना बनाने आए थे, यह जांच और पूछताछ का विषय है। पुलिस चेकिंग के कारण संदिग्ध कार छोड़कर भाग गए और उस रात क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई।
नंबर महाराष्ट्र का, मालिक निकला इंदौर का
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सबसे पहले कार की कुंडली खंगाली। कार पर महाराष्ट्र का नंबर था, लेकिन जांच में उसके वास्तविक मालिक की कड़ी इंदौर से जुड़ी मिली। इसके बाद पता चला कि वाहन कई हाथों में बिक चुका था। पुलिस ने एक-एक कर कार की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। इसी कड़ी को जोड़ते-जोड़ते जांच इंदौर के खजराना तक पहुंची।
खजराना से इरफान और वकील गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के बाद इरफान शेख पिता इब्राहिम निवासी खजराना, इंदौर और वकील पिता अकील निवासी खजराना, इंदौर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में इनके दो अन्य साथियों वसीम और भ्यूय के नाम सामने आए। दोनों के नाम एफआईआर में जोड़ दिए गए हैं। फिलहाल दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
अब सवाल- नेपानगर में किस वारदात की तैयारी थी?
कार से कथित तौर पर नकबजनी और अन्य वारदातों में इस्तेमाल होने वाले औजार मिलने के बाद पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि चारों नेपानगर क्यों आए थे। क्या किसी दुकान, मकान अथवा अन्य स्थान को निशाना बनाने की तैयारी थी या उनका कोई दूसरा उद्देश्य था? इन्हीं सवालों के जवाब के लिए गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की चोरी-नकबजनी की घटनाओं से संभावित संबंध की भी पड़ताल कर सकती है।
चोरी की वारदातों के बाद जिलेभर में रात की चेकिंग तेज
जिले में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बाद एसपी आशुतोष बागरी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को रात में जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर रात 2 से 3 बजे तक संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही है। नेपानगर में भी नियमित चेकिंग की जा रही है। इसी चेकिंग ने 18 अगस्त की रात चार संदिग्धों को कार छोड़कर भागने पर मजबूर किया था। अब चार में से दो पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि दो की तलाश जारी है।
टीआई बोले- दो गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
नेपानगर थाना प्रभारी शहाबुद्दीन कुरैशी ने बताया, दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दो की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।



