बुरहानपुर। धूलकोट क्षेत्र के ग्राम गंभीरपुरा में अवैध शराब पकड़वाने की कथित सूचना को लेकर उपजा शक गुरुवार रात हिंसक विवाद में बदल गया। आरोप है कि करीब 25 से 30 लोग एकजुट होकर शिवा बाबा मेला समिति अध्यक्ष रूप सिंह पंवार के घर पहुंचे और पथराव कर दिया। दोनों पक्षों के कुल 7 लोग घायल हुए। लेकिन बवाल यहीं नहीं थमा। हालात संभालने पहुंची निंबोला थाना पुलिस को भी भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस का आरोप है कि समझाइश के बावजूद लोग नहीं माने, रास्ता रोका, शासकीय कार्य में बाधा डाली और पुलिस पर पत्थर फेंके। एक पत्थर प्रधान आरक्षक राजेश बामनिया की जांघ में लगा। भीड़ ने निंबोला थाने के शासकीय वाहन एमपी-03-ए-2403 के कांच भी तोड़ दिए।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देर रात एसडीओपी को डीआरबी बल के साथ गांव पहुंचना पड़ा। शुक्रवार को पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ बलवा, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा और वाहन में तोड़फोड़ सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा कई लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
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शराब किसने पकड़वाई? इसी सवाल ने गांव में खड़ा कर दिया बवाल
विवाद की जड़ एक दिन पहले पकड़ी गई कथित अवैध शराब को बताया जा रहा है। कुछ लोगों को शक था कि आबकारी विभाग तक इसकी सूचना शिवा बाबा मेला समिति अध्यक्ष रूप सिंह पंवार की ओर से पहुंचाई गई थी। इसी शक को लेकर गुरुवार रात करीब 8 बजे विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि 25 से 30 लोग एकमत होकर पंवार के घर पहुंचे और पथराव कर दिया। रूप सिंह पंवार ने आरोप से इनकार किया। उनका कहना है कि समिति मेले के दौरान जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना देती है, लेकिन इस मामले में उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई थी। इसके बावजूद शराब पकड़वाने का शक उन पर किया गया और उनके घर को निशाना बनाया गया।
पत्थर चले तो दोनों तरफ के लोग पहुंचे अस्पताल, 7 घायल
विवाद में रूप सिंह पंवार के पक्ष से पांच लोगों के घायल होने की जानकारी है। इनमें कानु श्याम सिंह के सिर में चोट आई। इसके अलावा मुरली यमराज, बच्चन भिले सिंह, प्रकाश चेन सिंह और मन्नु भिले सिंह घायल हुए। दूसरे पक्ष से दिनेश रघुनाथ और सुनील मुन्नालाल घायल हुए। देर रात घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर दोनों पक्षों के बयान लिए हैं। घायलों से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी आगे वैधानिक कार्रवाई की बात सामने आई है।
पुलिस आई तो सड़क पर जमा थी भीड़, समझाने पर भी नहीं माने
गंभीरपुरा में पत्थरबाजी, विवाद और घरों के दरवाजे तोड़े जाने की सूचना मिलने पर निंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई राहुल कांबले और धूलकोट चौकी प्रभारी कमल मोरे सहित पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस के अनुसार रघुनाथ के घर के सामने आम रोड पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एकत्रित थे और चिल्ला-चोट कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन हालात सामान्य होने के बजाय और बिगड़ गए। एफआईआर में आरोप है कि पुलिस के साथ गाली-गलौज की गई, पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की गई और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
पुलिस पर भी पथराव, प्रधान आरक्षक घायल
तनाव के बीच पुलिस पर पत्थर फेंके जाने लगे। एक पत्थर प्रधान आरक्षक राजेश बामनिया की बाईं जांघ में लगा, जिससे वे घायल हो गए। अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुद को बचाया। इसी दौरान भीड़ ने निंबोला थाने के शासकीय वाहन एमपी-03-ए-2403 पर भी पथराव किया। वाहन के दाहिनी ओर और पीछे का कांच टूट गया।मामला केवल दो पक्षों के आपसी विवाद तक सीमित नहीं रहा था। अब पुलिसकर्मी पर हमला, शासकीय कार्य में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी जुड़ चुका था।
महिलाओं ने रास्ता रोका तो बुलाना पड़ा महिला पुलिस बल
बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने रास्ता रोक दिया। इसके बाद महिला पुलिस बल बुलाया गया। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी गांव भेजा गया। देर रात एसडीओपी डीआरबी बल के साथ गंभीरपुरा पहुंचे। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के साथ घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान शुरू की।
26 लोगों को किया नामजद, बलवा-तोड़फोड़ का केस
निंबोला थाना पुलिस ने पुलिस से जुड़े घटनाक्रम में 26 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें— संतोष पदम, रामेश्वर दरबार, रघुनाथ गज्जु, बिशन मोर सिंह, जीजू दरबार, राधेश्याम दरबार, बलीराम गज्जु, पवन रणछोड़, मिथुन रघुनाथ, राज जीजु, अरुण ईलू, सचिन ईलू, मोनु कमल, राजू गणेश, अजमल अभय सिंह, माया बाई संतोष, कंचन पति मिथुन, आनु बाई अर्जुन, सुनीता बाई श्याम, कुसमा बाई तलसिंह, रेवा सिंह अजमल, कविता बाई राधेश्याम, रेखा बाई जीजू सिंह, पप्पी बाई बिशन, आरती बाई रामेश्वर और छन्नी बाई रघुनाथ शामिल हैं। सभी गंभीरपुरा निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ बलवा, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा और शासकीय वाहन में तोड़फोड़ सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, कई नाम दोनों मामलों में
पुलिस ने विवाद के बाद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की। इसमें पहले प्रकरण के कुछ आरोपियों के साथ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। इनमें अनिल पिता लखन राठौर निवासी अंजनियाकला थाना नर्मदानगर जिला खंडवा, राजकुमार पिता जीजु, संतोष पिता पदम पवार, रघुनाथ पिता गजु पवार, कलीराम पिता चंपालाल काजले, पवन पिता रणछोड़, मिथुन पिता रघुनाथ पवार, बिशन पिता मोर सिंह, बलीराम पिता गज्जु, राधेश्याम पिता मांगीलाल, काशीराम पिता तुलसीराम, सुमित पिता नवीन, रविंद्र पिता अर्जुन पवार, महेश पिता श्रीचंद पंवार और कृष्णा पिता मनोज पंवार सहित अन्य के नाम सामने आए हैं।
एक ‘शक’ ने गांव को बनाया पुलिस छावनी
गंभीरपुरा का घटनाक्रम कई सवाल छोड़ गया है। अवैध शराब की सूचना किसने दी, इसकी पुष्टि से पहले ही कथित मुखबिरी के शक ने ऐसा तूल पकड़ा कि पहले एक घर पर पथराव हुआ, दोनों पक्षों के लोग घायल हुए और फिर कानून-व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस भी हमले की चपेट में आ गई। अब मामला केवल शराब पकड़वाने को लेकर हुए आपसी विवाद का नहीं रह गया है। पुलिसकर्मी को चोट पहुंचाने, शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। दोनों पक्षों के घायलों के बयान और पुलिस की एफआईआर के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परतें खंगाली जा रही हैं।



