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‘वंदे मातरम्’ पर बड़ा संवाद: राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारा नहीं, अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी -गोठी

मेक्रो विज़न में ‘वंदे मातरम्’ पर विशेष कार्यक्रम; अनुशासन और समाज सेवा को बताया राष्ट्र निर्माण की ताकत, बोले- उद्योग जगत भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए मदद

बुरहानपुर। राष्ट्रभक्ति केवल भावनाओं या नारों तक सीमित नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभाने में भी दिखाई देनी चाहिए। इसी संदेश के साथ मेक्रो विज़न एकेडमी के अनहद आनंद ऑडिटोरियम में ‘वंदे मातरम्’ विषय पर विशेष कार्यक्रम हुआ। 1500 से अधिक विद्यार्थियों के बीच राष्ट्र निर्माण, नागरिक जिम्मेदारी, अनुशासन और समाज सेवा पर संवाद हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंडवा विभाग प्रचार प्रमुख विजेंद्र गोठी ने विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।

Sadaiv News
मेक्रो विज़न में वंदे मातरम् पर विशेष कार्यक्रम

गोठी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश के विकास और सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाए। जब नागरिक अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे, तभी देश प्रगति के नए आयाम छुएगा।

विद्यार्थियों से कहा- राष्ट्र निर्माण में आपकी भूमिका भी अहम

गोठी के संबोधन का बड़ा हिस्सा विद्यार्थियों और उनकी जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि अनुशासन और समाज सेवा राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा भी तय करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के प्रति संवेदनशील रहने और राष्ट्रहित को अपने आचरण का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उनका कहना था कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी समझे और उसका ईमानदारी से निर्वहन करे।

व्यापार सिर्फ कारोबार तक सीमित न रहे, समाज से भी जुड़े

कार्यक्रम में व्यापार और उद्योग जगत की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी बात हुई। गोठी ने कहा कि व्यापार और उद्योग को समाज सेवा तथा राष्ट्रहित के कार्यों से लगातार जुड़े रहना चाहिए। सेवा भारती एवं लघु विकास जैसे माध्यमों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक भागीदारी भी जरूरी है। समाज के सक्षम वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाए।

1500 से अधिक विद्यार्थी एक साथ, राष्ट्र सेवा का लिया संकल्प

कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता विद्यार्थियों की भागीदारी रही। एकेडमी के अनुसार 1500 से अधिक विद्यार्थी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके साथ शिक्षक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उससे जुड़े सामाजिक क्षेत्रों के पदाधिकारी और गणमान्यजन भी शामिल हुए। कार्यक्रम में टेक्सटाइल व्यवसायी, सेवा भारती के सह-संयोजक एवं लघु विकास के उप प्रमुख वेदांत मित्तल, जिला प्रमुख अभय विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

‘वंदे मातरम्’ और भारत माता के जयकारों से गूंजा ऑडिटोरियम

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों और गणमान्यजनों ने राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। इसके बाद सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष हुआ और भारत माता के जयकारे लगे। करीब 1500 विद्यार्थियों की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश यही रहा कि राष्ट्र निर्माण केवल व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के अनुशासन, कर्तव्यबोध और समाज के प्रति जिम्मेदारी से भी जुड़ा है।

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