बुरहानपुर। शहर में लगातार गहराते जल संकट ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले आठ दिनों से कई वार्डों में बिगड़ी जलापूर्ति और गंदे पानी की शिकायतों को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता खाली, पुराने और फूटे मटके लेकर पहुंचे। निगम कार्यालय के बाहर मटके फोड़कर नाराजगी जताई और “पानी चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर शहर में जल संकट का समाधान नहीं किया गया और नागरिकों को साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो नगर निगम कार्यालय में ताले लगाए जाएंगे। साथ ही बुरहानपुर बंद का आह्वान भी किया जाएगा।
वार्डों में पानी नहीं, लोग परेशान
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर के अधिकांश वार्डों में पिछले कई दिनों से पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। ताप्ती नदी में जलस्तर कम होने और जल वितरण व्यवस्था संभाल रही निजी कंपनी की लापरवाही के कारण आमजन को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोगों को मटमैला और बदबूदार पानी मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई मोहल्लों में नागरिकों को घरेलू जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
दोपहर से धरना, शाम को मटके फोड़कर विरोध
शुक्रवार दोपहर करीब 3.30 बजे से जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले नगर निगम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। इसके बाद शाम करीब 4.30 बजे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मटके लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने निगम कार्यालय के सामने मटके फोड़कर जल संकट के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन और जिम्मेदारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण निगम कार्यालय के आसपास काफी देर तक राजनीतिक गहमागहमी बनी रही।
पुलिस ने निगम परिसर को किया कवर, बैरिकेड्स लगाए
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। नगर निगम परिसर में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। पूरे परिसर को पुलिस बल ने कवर कर रखा था। सीएसपी गौरव पाटील सहित पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर तैनात रहे। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम उपायुक्त स्वर्णिका वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था तत्काल सुधारने, साफ पानी उपलब्ध कराने और जल संकट के स्थायी समाधान की मांग की गई।
रिंकू टाक बोले- गंदा और बदबूदार पानी बांटा जा रहा
शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने कहा कि बुरहानपुर में जल संकट गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। कई वार्डों में पानी नहीं मिल रहा है और जहां पानी दिया जा रहा है, वहां भी मटमैला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को साफ पानी उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन निगम व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जल वितरण व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी और बुरहानपुर बंद कराया जाएगा।
शेरा भैया का तीखा हमला- नगर निगम नरक निगम बन गया
पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने नगर निगम प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर के लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। तीन महीने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कान नहीं खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी पिलाना पुण्य का काम है, लेकिन नगर निगम की व्यवस्था जनता को राहत देने में नाकाम साबित हो रही है। शेरा भैया ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर साफ पानी नहीं दिया गया तो कांग्रेस नगर निगम में ताले लगाएगी और बुरहानपुर बंद कराएगी।
जल संकट से बढ़ा जनआक्रोश, निगम पर बढ़ा दबाव
बुरहानपुर में जल संकट अब केवल प्रशासनिक समस्या नहीं रहा, बल्कि जनआक्रोश और राजनीतिक मुद्दे के रूप में सामने आ गया है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से जूझ रहे नागरिकों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद नगर निगम और प्रशासन पर जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने का दबाव और बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले तीन दिनों में नगर निगम और प्रशासन जल संकट से राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
शहर में जल्द नियमित होंगी जलापूर्ति
– शहर में जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम लगातार प्रयास कर रहे हैं। बैतूल क्षेत्र से पानी छोड़े जाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि जलावर्धन योजना के डैम में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके और शहर में जल्द नियमित जलापूर्ति शुरू की जा सके। – स्वर्णिका वर्मा, सहायक आयुक्त नपानि बुरहानपुर