बुरहानपुर। पुराने विवाद में युवक पर प्राणघातक हमला करने के बाद करीब दो साल से पुलिस की गिरफ्त से बच रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला को आखिरकार शिकारपुरा पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर दिसंबर 2024 में अंकुश तायड़े के पेट में धारदार वस्तु से वार करने का आरोप है। हमले में गंभीर रूप से घायल अंकुश ने सात दिन बाद अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था।
आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपी के मुंबई में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया के नेतृत्व में गठित टीम ने मुंबई पहुंचकर हाजी अली दरगाह क्षेत्र में घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस उसे बुरहानपुर लेकर आई, जहां पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई के बाद विधिवत गिरफ्तार किया गया।
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घर के बाहर दोस्त से बात कर रहा था अंकुश, पुराने विवाद में हुआ झगड़ा और फिर जानलेवा हमला
मामला 3 दिसंबर 2024 का है। बुरहानपुर के नया मोहल्ला निवासी पुनीत पवार अपने साथी अंकुश तायड़े के साथ घर के बाहर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान शरीफउल्ला उर्फ लैला वहां पहुंचा। पुराने विवाद को लेकर उसने अंकुश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। अंकुश ने गाली-गलौज का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान शरीफउल्ला ने धारदार एवं नुकीली वस्तु से अंकुश के पेट के दाहिने हिस्से में प्राणघातक वार कर दिया। अचानक हुए हमले में अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अंकुश को तत्काल उपचार के लिए शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पेट में गंभीर चोट लगने के कारण उसका उपचार जारी रहा, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। 10 दिसंबर 2024 को उपचार के दौरान अंकुश की मृत्यु हो गई। घटना के बाद शिकारपुरा थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
सात दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा अंकुश, मौत के बाद हत्या का मामला दर्ज
3 दिसंबर को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल अंकुश का शासकीय अस्पताल में उपचार चल रहा था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सात दिन बाद 10 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई। अंकुश की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया। हालांकि, जिस आरोपी पर प्राणघातक हमला करने का आरोप था, वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस के सामने आरोपी को तलाशकर गिरफ्तार करने की चुनौती थी। लगातार तलाश के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।
करीब दो साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा आरोपी, तकनीकी साक्ष्यों से मिला सुराग
हत्या के मामले में फरार आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला की तलाश के लिए शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही थी। इसके साथ ही साइबर सेल की सहायता ली गई और मुखबिर तंत्र के माध्यम से भी उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरार इनामी आरोपी महाराष्ट्र के मुंबई शहर में हाजी अली दरगाह क्षेत्र के आसपास छिपा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तस्दीक की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम को तत्काल मुंबई रवाना किया।
मुंबई के हाजी अली दरगाह क्षेत्र में घेराबंदी, पुलिस ने आरोपी को लिया अभिरक्षा में
बुरहानपुर से मुंबई पहुंची पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर शरीफउल्ला उर्फ लैला को अभिरक्षा में ले लिया। इसके बाद आरोपी को बुरहानपुर लाकर शिकारपुरा थाने में आवश्यक पूछताछ की गई। वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला पिता कलीम उल्ला, उम्र 34 वर्ष, बुरहानपुर के मोमिनपुरा क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिसंबर 2024 में हुई वारदात के बाद से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई: वारदात से गिरफ्तारी तक
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3 दिसंबर 2024 (पुराने विवाद में जानलेवा हमला)
नया मोहल्ला में अंकुश तायड़े के पेट के दाहिने हिस्से में धारदार एवं नुकीली वस्तु से वार किया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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10 दिसंबर 2024 (उपचार के दौरान अंकुश की मौत)
हमले के सात दिन बाद अंकुश ने दम तोड़ दिया। शिकारपुरा पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
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फरारी के दौरान आरोपी पर 10 हजार का इनाम
आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से उसकी तलाश करती रही।
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सितंबर 2026 (मुंबई में गिरफ्तारी)
हाजी अली दरगाह क्षेत्र के आसपास छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम मुंबई पहुंची। घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा और बुरहानपुर लाकर गिरफ्तार किया।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम की कार्रवाई, साइबर सेल की भी रही भूमिका
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई की। इसमें उपनिरीक्षक दिलीप सिंह, प्रधान आरक्षक गणेश पाटील, आरक्षक विनोद परिहार, दुर्गेश सोने, ललित चौहान, साइबर सेल से शक्ति सिंह, आरक्षक सत्यपाल और आरक्षक दुर्गेश पटेल शामिल रहे।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मुंबई में आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर बुरहानपुर लाया। करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब हत्या के इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अंकुश तायड़े की मौत के मामले में आरोपी के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।



