बुरहानपुर। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो अब ट्रैफिक पुलिस की सख्त निगरानी में आ गए हैं। 27 मई को यातायात विभाग ने शहर में ऑटो वाहनों के दस्तावेजों की जांच का अभियान चलाया था। जांच के दौरान कई ऑटो के बीमा, परमिट, फिटनेस सहित जरूरी दस्तावेज अधूरे पाए गए थे। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चालकों को 7 दिन की मोहलत दी थी कि वे अपने दस्तावेज अपडेट कराकर थाने में प्रस्तुत करें।
लेकिन मोहलत खत्म होने के बाद भी अधिकांश ऑटो चालक लापरवाह बने रहे। 10वें दिन रविवार को केवल 12 ऑटो चालक ही अपने दस्तावेज पूर्ण कराकर यातायात थाने पहुंचे। जबकि शहर में करीब 400 से 500 ऑटो संचालित हो रहे हैं और जिलेभर में इनकी संख्या 2 हजार से अधिक बताई जा रही है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस अब दस्तावेज अधूरे रखने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
दस्तावेज पूरे मिले तो ऑटो पर लगा ‘OK Pass’ स्टीकर
यातायात थाने पहुंचे 12 ऑटो चालकों के दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेज सही पाए जाने पर यातायात थाना प्रभारी राजेश बारवाल ने इन ऑटो पर ‘OK Pass’ स्टीकर लगाया। यह स्टीकर इस बात का प्रमाण होगा कि संबंधित ऑटो के जरूरी दस्तावेज पूरे हैं और वाहन नियमानुसार संचालन के लिए पात्र है। पुलिस ने साफ किया है कि यह स्टीकर वाहन के दस्तावेज सही होने का प्रमाण है, नियम तोड़ने की छूट नहीं। अगर कोई ऑटो चालक गलत पार्किंग करता है, सड़क पर कहीं भी वाहन रोककर सवारी बैठाता है या क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाता है, तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
अब हर ऑटो की बनेगी ‘कुंडली’, थाने में रहेगा पूरा रिकॉर्ड
ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो वाहनों की नंबरिंग भी शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत नंबर एक से की गई है। इसके लिए यातायात थाने में अलग रजिस्टर मेंटेन किया जा रहा है। इस रजिस्टर में ऑटो का नंबर, चालक की जानकारी, बीमा, परमिट, फिटनेस सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुलिस को जांच में आसानी होगी। अगर शहर में कोई ऑटो पकड़ा जाता है तो मौके से सिर्फ ऑटो का नंबर बताकर थाने से जानकारी ली जा सकेगी कि संबंधित वाहन के दस्तावेज पूर्ण हैं या नहीं। इससे बिना दस्तावेज और नियम विरुद्ध चल रहे ऑटो की पहचान तुरंत हो सकेगी।
बाहरी पासिंग ऑटो भी जांच के दायरे में
शहर में स्थानीय ऑटो के साथ बाहरी पासिंग के ऑटो भी संचालित हो रहे हैं। कई वाहन लंबे समय से बिना अपडेट दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ रहे हैं। ऐसे ऑटो न सिर्फ यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि यात्री सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस अब ऐसे वाहनों की सूची तैयार कर रही है। पुलिस का फोकस उन ऑटो पर रहेगा जिनके पास वैध परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं हैं। दस्तावेज अधूरे मिलने पर सीधे मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ 12 पहुंचे, बाकी चालकों को फिर चेतावनी
यातायात थाना प्रभारी राजेश बारवाल ने बताया कि अभियान के तहत अभी तक केवल 12 ऑटो चालकों ने अपने दस्तावेज पूर्ण कराकर थाने में प्रस्तुत किए हैं। इन वाहनों को ओके पास स्टीकर दिया गया है। अन्य वाहन चालकों को भी हिदायत दी गई है कि वे जल्द से जल्द दस्तावेज वैध कराकर यातायात थाने में प्रस्तुत करें।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद भी दस्तावेज पूर्ण नहीं कराने वाले वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई होगी।
शहर के बाद शाहपुर, खकनार और नेपानगर में चलेगा अभियान
फिलहाल यह अभियान बुरहानपुर शहर में चलाया जा रहा है। शहर में ऑटो वाहनों का रिकॉर्ड तैयार होने के बाद दूसरे चरण में यह कार्रवाई जिले के अन्य क्षेत्रों में भी शुरू की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अगले चरण में शाहपुर, खकनार और नेपानगर क्षेत्र में ऑटो और अन्य यात्री वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इन क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में ऑटो और यात्री वाहन संचालित होते हैं। पुलिस वहां भी दस्तावेजों की जांच, नंबरिंग और नियम विरुद्ध संचालन पर कार्रवाई करेगी।
सख्ती का मकसद: यात्री सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना
ट्रैफिक पुलिस की यह कवायद सिर्फ दस्तावेज जांच तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शहर में कई जगह ऑटो चालक अचानक वाहन रोककर सवारी बैठाते हैं, गलत पार्किंग करते हैं और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाते हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ता है और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनती है। अब पुलिस दस्तावेजों के साथ-साथ ऑटो संचालन के तरीके पर भी नजर रखेगी। यानी वाहन के कागज पूरे होने के बावजूद अगर चालक नियम तोड़ता है तो कार्रवाई तय है।
पुलिस का संदेश: कागज पूरे रखो, नियमों से चलो
ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चालकों को साफ संदेश दिया है कि शहर में अब बिना दस्तावेज और नियम विरुद्ध वाहन संचालन नहीं चलेगा। जिन वाहनों के दस्तावेज सही होंगे, उन्हें ओके पास स्टीकर मिलेगा। लेकिन सड़क पर अनुशासन नहीं रखा तो चालान से बचना मुश्किल होगा। शहर के 400 से ज्यादा ऑटो और जिले के 2 हजार से अधिक ऑटो अब पुलिस की जांच व्यवस्था के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान और सख्त हो सकता है। ऐसे में ऑटो चालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने वाहन के दस्तावेज समय रहते अपडेट कराएं और यातायात नियमों का पालन करें।