राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

सिर्फ शुगर कम करना काफी नहीं… बुजुर्गों की डायबिटीज़ पर बुरहानपुर में बड़ा शोध, चौंकाने वाले संकेत

- शुगर का उतार-चढ़ाव बन सकता है आंख, किडनी और नसों का दुश्मन

On: February 20, 2026 7:43 PM
Follow Us:
डायबिटीज़ शोध: बुजुर्गों में शुगर स्थिर रखना जरूरी

बुरहानपुर। डायबिटीज़ का इलाज केवल दवा से शुगर कम करने तक सीमित नहीं है। अगर ब्लड शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होती है, तो यह शरीर के अंदर खामोशी से गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। यह खुलासा मध्य भारत के प्रमुख मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल All Is Well Multispeciality Hospital में किए गए एक महत्वपूर्ण शोध में हुआ है।

Sadaiv News
आल इस वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर

यह शोध अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग की डॉ. हर्षदा भंगाले द्वारा बुजुर्ग मरीजों पर केंद्रित कर किया गया। अध्ययन में पाया गया कि डायबिटीज़ के मरीजों में शुगर लेवल का लगातार उतार-चढ़ाव आंखों, गुर्दों और नसों पर गहरा प्रभाव डालता है।

आंख, किडनी और नसें… चुपचाप होती है क्षति

शोध में स्पष्ट हुआ कि अनियंत्रित और अस्थिर शुगर लेवल से रेटिनोपैथी (आंखों की बीमारी), नेफ्रोपैथी (किडनी डैमेज) और न्यूरोपैथी (नसों की क्षति) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्ग मरीजों में यह खतरा और अधिक गंभीर हो सकता है, क्योंकि उम्र के साथ शरीर की रिकवरी क्षमता कम हो जाती है। डॉ. भंगाले का कहना है, डायबिटीज़ में केवल शुगर कम कर देना पर्याप्त नहीं है। यदि शुगर बार-बार बढ़ती और गिरती है, तो यह शरीर के अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। नियमित जांच, समय पर दवा और संतुलित जीवनशैली बेहद जरूरी है।

इलाज की सोच बदलने की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार अब इलाज की रणनीति में बदलाव जरूरी है। लक्ष्य केवल ब्लड शुगर को कम करना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक संतुलित और स्थिर बनाए रखना होना चाहिए।
इसके लिए नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग, संतुलित आहार, रोजाना हल्का व्यायाम, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार दवा, समय-समय पर आंख और किडनी की जांच को अनिवार्य बताया गया है।

मरीजों और डॉक्टरों दोनों के लिए मार्गदर्शन

यह शोध न केवल मरीजों के लिए चेतावनी है, बल्कि चिकित्सकों के लिए भी उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के अध्ययन से क्षेत्र में बुजुर्गों के स्वास्थ्य प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी और डायबिटीज़ से जुड़ी जटिलताओं को समय रहते रोका जा सकेगा।बुरहानपुर में हुआ यह शोध बताता है कि डायबिटीज़ एक ‘साइलेंट किलर’ है जिससे लड़ाई केवल दवा से नहीं, बल्कि सतर्कता और स्थिर नियंत्रण से जीती जा सकती है।

ये भी पढ़े- ब्लैक फंगस से मौत की दस्तक… डॉक्टरों ने छीनी अंधेरे से रोशनी, 65 वर्षीय बुजुर्ग को मिली नई जिंदगी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser