बुरहानपुर। जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर धूलकोट क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगवानिया के रेखलिया फालिया में जल संकट की एक संवेदनशील और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां 45 मकानों में रहने वाली 150 से अधिक आबादी पानी के लिए करीब 20 फीट गहरे कुएं पर निर्भर है। गर्मी बढ़ने के साथ जल स्तर नीचे चला गया तो बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कुएं में उतरकर पानी भरने को मजबूर हो गए।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और सोमवार को कुएं में उतरने वाले खतरनाक रास्ते को बंद करा दिया गया। अब ग्रामीण रस्सी के सहारे पानी निकाल रहे हैं। वहीं फालिया में टैंकरों से जल वितरण भी शुरू कर दिया गया है।
वीडियो ने दिखा दी जल संकट की कड़वी हकीकत
वायरल वीडियो में कुछ बच्चे करीब 20 फीट गहरे कुएं में रस्सी के सहारे उतरते नजर आए। यह दृश्य न सिर्फ जल संकट की गंभीरता दिखा रहा था, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा था। पानी की जरूरत ने हालात ऐसे बना दिए कि ग्रामीणों को जोखिम उठाकर कुएं से पानी निकालना पड़ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पीएचई विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से चर्चा की और कुएं के पानी के सैंपल लिए। जांच में पानी उपयोग योग्य पाया गया है।
वन क्षेत्र में बसा है रेखलिया फालिया
भगवानिया पंचायत का रेखलिया फालिया वन क्षेत्र में बसा हुआ है। यहां मकान दूर-दूर बने हैं। क्षेत्र में भू-जल स्तर नीचे जाने से पेयजल संकट गहरा गया। फालिया के अधिकांश परिवार इसी कुएं के पानी पर निर्भर हैं। जब पानी का स्तर नीचे पहुंचा तो ग्रामीणों को कुएं के अंदर उतरकर पानी भरना पड़ रहा था। ग्रामीणों की यह परेशानी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की।
कलेक्टर बोले- बच्चों की सुरक्षा के लिए रास्ता बंद कराया
कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद विस्तृत जांच कराई गई। मौके पर पाया गया कि फालिया के आसपास के परिवार एक कुएं पर निर्भर हैं। कुएं का जल स्तर नीचे है। वीडियो में बच्चियां पानी लेने का प्रयास करती दिख रही थीं। कुएं में नीचे उतरना खतरनाक हो सकता था, इसलिए नीचे जाने वाला रास्ता बंद कराया गया है, ताकि बच्चे उसमें न उतरें। कलेक्टर ने बताया कि फिलहाल वहां टैंकर उपलब्ध करा दिए गए हैं और जल वितरण शुरू कर दिया गया है। ग्रामीण अभी रस्सी के माध्यम से पानी निकाल रहे हैं। कुएं की तार फेंसिंग भी करा दी गई है।
स्थायी समाधान के लिए कपिलधारा कूप की प्रक्रिया
प्रशासन ने तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। कलेक्टर ने बताया कि एक नया कपिलधारा कूप एक किसान को स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि फालिया के लोगों को आगे पेयजल की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि जल संकट वाली जगहों पर तुरंत टैंकर भेजने के निर्देश जिलेभर में जारी कर दिए गए हैं। जहां भी पेयजल समस्या सामने आएगी, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी।
प्यास और जोखिम के बीच जी रहा था फालिया
रेखलिया फालिया की यह तस्वीर ग्रामीण इलाकों में गर्मी के मौसम में बढ़ते जल संकट की हकीकत सामने लाती है। एक ओर प्यास बुझाने की मजबूरी, दूसरी ओर बच्चों की जान का खतरा। प्रशासन ने फिलहाल राहत व्यवस्था शुरू कर दी है, लेकिन स्थायी पेयजल व्यवस्था ही इस फालिया को बार-बार ऐसे संकट से बचा सकेगी।