बुरहानपुर। खकनार पुलिस ने शनिवार देर शाम एसटीएफ भोपाल के आर्म्स एक्ट मामले में फरार चल रहे दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी इतने बेलगाम थे कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हमला कर सरकारी वाहन की चाबी तक छीन ली। लेकिन खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव और उनकी टीम की सूझबूझ व साहस ने आरोपियों की सारी गुंडागर्दी नाकाम कर दी।
30 अगस्त को थाना प्रभारी को खबर मिली कि शेरसिंह पिता धरमसिंह सिकलीगर (23) और सरताज पिता धरमसिंह सिकलीगर (27), ग्राम पाचौरी निवासी — जो एसटीएफ भोपाल के आर्म्स एक्ट केस में फरार हैं — डोईफोडिया की ओर से खकनार आने वाले हैं।
सूचना मिलते ही टीम गठित कर इलाके में नाकाबंदी कर दी गई। जैसे ही दोनों युवक दिखे, पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की। नाम पूछते ही आरोपियों ने खुद की पहचान बताई और गिरफ्तारी की भनक लगते ही बौखला गए।
भागने की कोशिश, पुलिस पर हमला
गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम को गालियां दीं, झूमाझटकी की और भागने का प्रयास किया। इसी बीच तीन और आरोपी — वीरेंद्र सिकलीगर, समशेर सिकलीगर और गुरचरण सिकलीगर वहां पहुंचे और पुलिस वाहन का रास्ता रोककर चाबी छीन ली। मारपीट में थाना प्रभारी अभिषेक जाधव के हाथ में, आरक्षक आयुष के हाथ में और आरक्षक सुनिल के पैर में चोटें आईं। सुनिल की वर्दी तक फाड़ दी गई। बावजूद इसके पुलिस ने हार नहीं मानी और शेरसिंह व सरताज को मौके पर ही दबोच लिया।
दोनों पर पहले से 5-5 केस दर्ज
दोनों आरोपी पहले से ही अपराध की लंबी लिस्ट में शामिल हैं।
- सरताज सिकलीगर- 2020 से अब तक 5 केस दर्ज, जिनमें अवैध हथियार सप्लाई, आर्म्स एक्ट के गंभीर प्रकरण और उत्तराखंड पंचायत चुनाव में अवैध हथियार सप्लाई तक शामिल है।
- शेरसिंह सिकलीगर- 2019 से अब तक 5 केस, जिनमें बुरहानपुर, खरगोन, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) और एसटीएफ भोपाल में दर्ज प्रकरण शामिल। इनमें 353, 147, 506 IPC व आर्म्स एक्ट के मामले प्रमुख।
एसपी के निर्देश पर चल रही सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सभी थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अवैध हथियार बनाने, बेचने और सप्लाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में खकनार पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।
पूरी टीम की सराहनीय भूमिका
इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव, उनि. रामेश्वर बकोरिया, बी.एल. मंडलोई, किरण ठाकुर, सउनि. मनीष कुमार, तारक अली, प्रआर. अजय अजनारे, सतीश सुर्यवंशी, जितेन्द्र पाल, शिवनारायण पाल, आरक्षक जितेन्द्र, विजेन्द्र, आयुष और सुनिल ने साहसिक भूमिका निभाई।