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दरिंदों पर कानून का डंडा: दुष्कर्म में 7 साल की सजा, छेड़छाड़ में 2 साल—बुरहानपुर में पुलिस की सख्ती से अपराधियों में दहशत

पॉक्सो कोर्ट और सत्र न्यायालय के सख्त फैसले, मजबूत विवेचना और पैरवी से मिली सजा—महिला अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर

बुरहानपुर। जिले में महिला अपराधों के खिलाफ बुरहानपुर पुलिस का सख्त रुख अब जमीनी हकीकत में बदलता नजर आ रहा है। दो अलग-अलग गंभीर मामलों में न्यायालय ने आरोपियों को कठोर सजा सुनाते हुए साफ संदेश दे दिया है—महिला अपराध अब बर्दाश्त नहीं होंगे।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई मजबूत विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते एक दुष्कर्म आरोपी को 7 साल और छेड़छाड़ के आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई गई है। इन फैसलों से अपराधियों में खौफ और पीड़ितों में न्याय का भरोसा बढ़ा है।

केस-1: नाबालिग से दुष्कर्म… 7 साल की सजा, कोर्ट का सख्त रुख

थाना खकनार क्षेत्र के ग्राम धारबेलथड़ में वर्ष 2025 में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी आनंद मिलावेकर (28) को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

आरोपी ने मासूम बालिका के साथ दरिंदगी की थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।

जांच टीम ने मजबूत साक्ष्य जुटाए, जिससे कोर्ट में केस मजबूत हुआ। निरीक्षक अभिषेक जाधव और उप निरीक्षक रामेश्वर बकोरिया की विवेचना के साथ विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे की प्रभावी पैरवी ने आरोपी को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया—नाबालिगों के खिलाफ अपराध में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

केस-2: महिला से छेड़छाड़ और धमकी… 2 साल की सजा

थाना निंबोला क्षेत्र के ग्राम खातला में महिला के साथ जबरदस्ती और छेड़छाड़ के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने आरोपी दीपक (31) को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

आरोपी ने महिला के साथ अश्लील हरकतें करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं में केस दर्ज किया।

उप निरीक्षक राहुल कामले और एएसआई रेखा मोर द्वारा की गई सटीक विवेचना और विशेष लोक अभियोजक दीपक उमाले की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को सजा मिली।

पुलिस की रणनीति: तेज कार्रवाई + मजबूत पैरवी = सजा तय

इन दोनों मामलों में एक बात साफ दिखी— त्वरित विवेचना, पुख्ता साक्ष्य, अदालत में मजबूत पैरवी। इसी रणनीति ने आरोपियों को सजा तक पहुंचाया। बुरहानपुर पुलिस अब महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है।

जनता के लिए संदेश

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों और आमजन से अपील की गई है कि ऐसे मामलों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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