बुरहानपुर। जनपद पंचायत खकनार की ग्राम पंचायत हिंगना में प्रवेश द्वार का ठेका लेने वाले ठेकेदार से 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने वाले आरईएस विभाग के उपयंत्री महेंद्र पिता भगवानसिंह कोठारी बुधवार दोपहर लोकायुक्त इंदौर की टीम के हत्थे चढ़ गए। टीम ने उन्हें संजय नगर स्थित चाय होटल के सामने 12 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके पहले ठेकेदार 8 हजार रुपए दे चुका था।
ठेका पूरा, लेकिन भुगतान अटका
ठेकेदार राजू वाघमारे (निवासी देवरीमाल) ने पंचायत का प्रवेश द्वार बनाने का करीब 5 लाख रुपए का ठेका लिया था। काम दो-तीन महीने पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन भुगतान अटक गया। सरपंच और सचिव ने साफ कहा काम की रिपोर्ट इंजीनियर देगा, उन्हीं से बात करो। जब उपयंत्री महेंद्र कोठारी से बात की गई तो उन्होंने काम का मूल्यांकन कर रिपोर्ट जनपद पंचायत में जमा करने के बदले 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर डाली।
पहले दिए 8 हजार, फिर जाल बिछा
- ठेकेदार ने रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय (इंदौर) से की।
- शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
- मंगलवार को ठेकेदार ने मजबूरी में 8 हजार रुपए दे दिए थे।
- बुधवार को शेष 12 हजार रुपए देने का समय तय था।
- जैसे ही ठेकेदार ने रकम सौंपी, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उपयंत्री को पकड़ लिया।
लोकायुक्त की पूरी टीम रही मौजूद
इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम ने भाग लिया। दल में प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, पवन पटेरिया, शैलेंद्र सिंह बघेल, श्रीकृष्ण अहिरवार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
ठेकेदार बोला—तीन-चार माह से परेशान कर रहा था
शिकायतकर्ता राजू वाघमारे ने कहा काम पूरा हो चुका था, लेकिन पैसा नहीं निकल रहा था। उपयंत्री लगातार 20 हजार की रिश्वत मांग रहा था। मैंने कहा इतने नहीं दे सकता, तो उन्होंने दबाव बनाया। मजबूरी में लोकायुक्त को शिकायत की। कल 8 हजार दिए थे, आज 12 हजार देते समय पकड़ा गया। यह तीन-चार माह से परेशान कर रहा था। काम अच्छा करने के बाद भी रिश्वत देनी पड़े, यह गलत है। ऐसी कार्रवाई जरूरी है ताकि कोई और इंजीनियर हिम्मत न कर सके।
केस दर्ज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त ने उपयंत्री महेंद्र कोठारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सर्किट हाउस ले जाकर पूछताछ की गई।