Homeखंडवाड्रमों में भरा ‘मौत का घी :...

ड्रमों में भरा ‘मौत का घी : 11 साल से चल रहा था काला कारोबार, 3350 लीटर चर्बी वाला ‘नकली घी’ जब्त

- खंडवा में अवैध फैक्ट्री पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जानवरों की चर्बी और खाल का जखीरा मिला; 2 आरोपी हिरासत में, NSA तक की तैयारी

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में गुरुवार को हुई प्रशासनिक छापेमारी ने फूड सेफ्टी सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इमलीपुरा स्थित बेगम पार्क के पास चल रही एक अवैध फैक्ट्री में घी के नाम पर लोगों को चर्बी परोसी जा रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में करीब 3,350 लीटर नकली घी बरामद हुआ है।

अंदर का मंजर: ड्रम, टीन और खाल का ढेर

छापेमारी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। 69 टीन डिब्बों और 9 नीले ड्रमों में भरा चर्बी युक्त लिक्विड, फैक्ट्री परिसर में जानवरों की चर्बी और खाल की थप्पियां, 3 ट्रकों में भरे मवेशियों के अवशेष, पूरा माल नगर निगम के 4 ट्रकों में जब्त कर सुरक्षित किया गया। प्रशासन ने प्रथम दृष्टया इसे नकली घी मानते हुए जब्त किया है।

2015 से चल रहा था ‘जहर का कारोबार

सबसे बड़ा खुलासा यह है कि यह अवैध फैक्ट्री करीब 11 साल से संचालित हो रही थी। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन सिस्टम की सुस्ती के चलते कार्रवाई नहीं हुई।

रहवासियों का आरोप: “बदबू से बीमार हो रहे बच्चे”

इलाके के लोगों का कहना है रोजाना सैकड़ों मवेशियों को लाया जाता था। फैक्ट्री से उठने वाली तेज दुर्गंध से बच्चों में बीमारियां फैल रहीं। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अनदेखी की। लोगों ने हैजा जैसी बीमारियों के लक्षण सामने आने का भी दावा किया है।

सियासत गरम: गोवंश हत्या का आरोप

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय विधायक कंचन तनवे मौके पर पहुंचीं और गोवंश की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है— लैब रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि अवशेष किस पशु के हैं।

दो आरोपी हिरासत में, कॉल डिटेल खंगाली जा रही

सीएसपी अभिनव बारंगे के मुताबिक— अनवर पिता बिस्मिल्लाह कुरैशी और  शकील पिता इस्माइल कुरैशी दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। कॉल डिटेल के जरिए पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का खुलासा किया जाएगा

NSA तक की तैयारी, कई विभाग जांच में जुटे

सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने कहा घी और अवशेषों के सैंपल लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई होगी। आरोपियों पर रासुका (NSA) लगाने पर विचार किया जायेंगा। इस मामले में पशु चिकित्सा विभाग, जीएसटी विभाग, नगर निगम और पुलिस सभी मिलकर जांच में जुटे हैं।

बड़ा सवाल:

अगर 11 साल से ‘जहर’ बन रहा था, तो जिम्मेदार कौन? क्या शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना सिस्टम की नाकामी नहीं? कितने लोगों की सेहत से खिलवाड़ हुआ—कौन लेगा जिम्मेदारी?

काले कारोबार के पीछे पूरा नेटवर्क!

यह मामला सिर्फ मिलावट का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ संगीन खिलवाड़ का है। प्रशासन का एक्शन देर से सही, लेकिन अब जांच की दिशा इस बात पर टिक गई है कि इस काले कारोबार के पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन तक इसकी जड़ें फैली हैं।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles