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मदरसा संचालक के पोते ने अपनाया सनातन धर्म: वैदिक मंत्रों के बीच याकूब बना कृष्णा

बोला— बचपन से कृष्ण भक्ति ने दिखाई राह, महादेवगढ़ मंदिर में हुआ धार्मिक अनुष्ठान

On: March 20, 2026 3:27 PM
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महादेवगढ़ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान याकूब खान ने कृष्णा नाम अपनाया

खंडवा। महादेवगढ़ मंदिर गुरुवार को उस समय गूंज उठा जब वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की आहुति और घंटों की ध्वनि के बीच एक युवक ने अपनी आस्था के नए अध्याय की शुरुआत की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच याकूब खान ने सनातन धर्म अपनाते हुए अपना नया नाम कृष्णा घोषित किया। जैसे ही आरती की थाली हाथ में लेकर उसने भगवान भोलेनाथ के सामने सिर झुकाया, पूरा परिसर हर-हर महादेव, महाकाल की जय और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

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हवन, पूजन और आरती के बीच धार्मिक अनुष्ठान

बताया गया कि युवक के धार्मिक संस्कार की प्रक्रिया पंडित राजेश पाराशर की मौजूदगी में पूरी वैदिक विधि से कराई गई। इसमें शुद्धिकरण स्नान, हवन, पूजन और मंत्रोच्चार शामिल रहे। वैदिक रीति के अनुसार दस विधियों से अनुष्ठान संपन्न कराया गया। हवन कुंड में आहुति देते समय युवक भावुक दिखाई दिया और पूजा पूर्ण होने के बाद उसने मंदिर में उपस्थित लोगों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

बोला— बचपन से मन में बसती थी भगवान कृष्ण की छवि

खंडवा नगर निगम में चालक पद पर कार्यरत याकूब खान (कृष्णा) ने कहा कि भगवान कृष्ण के प्रति उसका लगाव बचपन से रहा है। उसने बताया कि जीवन के कठिन दौर में हमेशा कृष्ण की छवि ने उसे मानसिक शक्ति दी। उसके शब्दों में, कृष्ण भक्ति मेरे जीवन का आधार रही है। अब मैंने तय किया है कि अपना जीवन पूरी तरह उसी आस्था के मार्ग पर आगे बढ़ाऊंगा। उसने कहा कि लंबे समय से मन में यह निर्णय था, लेकिन अब उसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने का अवसर मिला।

श्रावण में कांवड़ लेकर करेगा भोलेनाथ का अभिषेक

धर्म अपनाने के बाद कृष्णा ने कहा कि आने वाले श्रावण मास में वह मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर जय हिंदू राष्ट्र कांवड़ यात्रा में शामिल होगा। उसका कहना था कि वह स्वयं जल लेकर भोलेनाथ का अभिषेक करेगा और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेगा। उसने यह भी कहा कि वह समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का प्रयास करेगा।

परिवार में विरोध, फिर भी चुना अपनी आस्था का रास्ता

कृष्णा ने बताया कि उसके इस निर्णय को लेकर परिवार में मतभेद रहा। विशेष रूप से उसके दादा सलामतउल्लाह, जो बोरगांव खुर्द क्षेत्र में मदरसा संचालित करते हैं, इस फैसले से सहमत नहीं थे। इसके बावजूद उसने कहा कि आस्था व्यक्ति का निजी विषय है और उसने अपने मन की आवाज को प्राथमिकता दी।

आरती के बाद भावुक हुआ माहौल, श्रद्धालुओं ने बरसाए पुष्प

पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने कृष्णा पर पुष्पवर्षा की। अशोक पालीवाल ने उसे आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान हरीश असवानी, संकेत जोशी, विशाल माने, विशाल पासी, शिवेंद्र खेड़े, अरुण पासी, नीरज यादव, अमन नीलकंठ, प्रीतेश तिवारी, छोटू निमाड़े और अनुज लाड़ सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने स्वस्तिवाचन के साथ उसका स्वागत किया।

मंदिर परिसर में देर तक होती रही चर्चा

महादेवगढ़ मंदिर में हुए इस आयोजन के बाद दिनभर क्षेत्र में इसकी चर्चा बनी रही। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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