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सोनार को घेरकर डकैती: CCTV-साइबर इनपुट से खुली गैंग की पोल, दो आरोपी गिरफ्तार

- नावरा बाजार से लौट रहे सराफा व्यापारी को डाबियाखेड़ा के पास बनाया था निशाना, ₹1.10 लाख की चांदी और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त, चार आरोपी फरार

बुरहानपुर। नेपानगर थाना क्षेत्र की नावरा चौकी अंतर्गत सराफा व्यापारी से हुई लूट-डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सुनसान रास्ते पर सोनार को घेरकर सोने-चांदी से भरा झोला, मोबाइल और बाइक की चाबी छीनने वाली शातिर गैंग का सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने खुलासा कर दिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गैंग के चार आरोपी अभी फरार हैं।

Sadaiv News
मीडिया को जानकारी देते हुए एसपी देवेन्द्र पाटीदार

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चांदी की चूड़ियां, पायजेब, कमरबंद का छल्ला और चांदी के कांटे सहित कुल ₹1 लाख 10 हजार कीमत का डकैती का मशरूका बरामद किया है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो सीडी डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक MP-10-MD-6792 भी जब्त की गई है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर श्री निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में नावरा चौकी पुलिस द्वारा की गई।

शुक्रवार बाजार से लौटते समय घात लगाकर बैठे थे बदमाश

एसपी देवेन्द्र पाटीदार ने बताया कि 03 अप्रैल 2026 की शाम की है। फरियादी रमेश ठाकुर निवासी नेपानगर ने पुलिस को बताया था कि उनकी नेपानगर में सोने-चांदी की दुकान है। वे हर शुक्रवार नावरा बाजार में सोने-चांदी की दुकान लगाते हैं। घटना वाले दिन बाजार खत्म होने के बाद शाम करीब 5.30 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल से नेपानगर लौट रहे थे। उनके पास सोने-चांदी के आभूषणों से भरा सफेद रंग का झोला था। जैसे ही वे डाबियाखेड़ा से थोड़ा आगे सुनसान स्थान पर पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे पांच अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने उन्हें डराया-धमकाया और सोने-चांदी का झोला छीन लिया। इसके बाद बदमाश उनका मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल की चाबी भी लेकर फरार हो गए, ताकि फरियादी तुरंत पीछा या सूचना न दे सके। इस घटना से क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत फैल गई थी।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की घेराबंदी

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना नेपानगर में अपराध क्रमांक 110/2026 धारा 304(2), 309(4), 310(2), 311 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला सराफा व्यापारी से जुड़ा था और वारदात सुनसान क्षेत्र में गैंग बनाकर की गई थी, इसलिए पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानु जायसवाल और चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक हेमेन्द्र सिंह चौहान को आरोपियों की तत्काल पतारसी के निर्देश दिए। इसके बाद नावरा चौकी स्तर पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संभावित रास्तों की जांच शुरू की।

CCTV फुटेज, पुराने अपराधियों की कुंडली और साइबर सेल से मिला बड़ा सुराग

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बाजार से लेकर वारदात स्थल तक आने-जाने वाले संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान किया गया। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि खकनार थाना क्षेत्र का सुरेश सिसोदिया घटना वाले दिन नावरा बाजार में दिखाई दिया था। सुरेश पूर्व में भी लूट के एक मामले में थाना धारणी क्षेत्र में गिरफ्तार हो चुका था। इस इनपुट के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और संपर्कों की तकनीकी जांच शुरू की।

साइबर सेल की मदद से पुलिस को पता चला कि सुरेश सिसोदिया और हरसिंग जमरे घटना से पहले और घटना के बाद धार जिले के एक शातिर बदमाश रायचंद पिता फत्तू सिंग निवासी मगरदा, थाना बाग, जिला धार के लगातार संपर्क में थे। यही लिंक पुलिस जांच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

धार जिले के शातिर बदमाश से जुड़ी गैंग, पूछताछ में खुला षड्यंत्र

पुलिस के अनुसार रायचंद पिता फत्तू सिंग पर पूर्व में लूट, डकैती और अन्य गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस को शक था कि यह वारदात स्थानीय जानकारी और बाहरी गैंग के गठजोड़ से की गई है। इसी आधार पर पुलिस टीम ने सुरेश पिता गुलाबसिंग सिसोदिया उम्र 41 वर्ष निवासी मोहनगढ़, खकनार और हरसिंग पिता वेरसिंग जमरे उम्र 35 वर्ष निवासी मोहनगढ़, खकनार को पूछताछ के लिए नावरा चौकी लाया। दोनों से तकनीकी और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई। लगातार पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों रायचंद, रवि, राजू और भाईला के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने और सराफा व्यापारी को निशाना बनाने की बात स्वीकार की।

पहले रेकी, फिर सुनसान जगह चुनी, बाद में झोला छीनकर फरार

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने वारदात को अचानक नहीं, बल्कि योजना बनाकर अंजाम दिया था। सराफा व्यापारी रमेश ठाकुर हर शुक्रवार नावरा बाजार में दुकान लगाते थे। बाजार के बाद वे आभूषण लेकर नेपानगर लौटते थे। आरोपियों को इसी रूटीन की जानकारी थी। गैंग ने व्यापारी की आवाजाही पर नजर रखी। इसके बाद डाबियाखेड़ा से आगे सुनसान हिस्से को वारदात के लिए चुना गया, जहां मदद पहुंचने में देरी हो सकती थी। पांच बदमाशों ने मिलकर व्यापारी को रोका, डराया और झोला छीन लिया। मोबाइल और बाइक की चाबी छीनना भी इसी योजना का हिस्सा था, ताकि फरियादी तुरंत पुलिस या परिचितों को सूचना न दे सके।

₹1.10 लाख की चांदी बरामद, बाइक भी पुलिस के कब्जे में

नावरा चौकी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से डकैती का मशरूका बरामद किया है। इसमें शामिल हैं— चांदी की 08 नग चूड़ियां, 03 जोड़ी चांदी की पायजेब, चांदी के कमरबंद का एक छल्ला, चांदी के 12 नग कांटे/लोंग जब्त आभूषणों की कुल कीमत करीब ₹1 लाख 10 हजार बताई गई है। पुलिस ने वारदात में उपयोग की गई हीरो सीडी डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक MP-10-MD-6792 भी जब्त की है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से अन्य लूट और चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

गिरफ्तार आरोपी
  1. सुरेश पिता गुलाबसिंग सिसोदिया, उम्र 41 वर्ष, निवासी मोहनगढ़, खकनार
  2. हरसिंग पिता वेरसिंग जमरे, उम्र 35 वर्ष, निवासी मोहनगढ़, खकनार
फरार आरोपी
  • रायचंद पिता फत्तू सिंग, निवासी मगरदा, थाना बाग, जिला धार
  • रवि, निवासी जिला धार
  • राजू, निवासी जिला धार
  • भाईला, निवासी जिला धार
व्यापारियों में थी दहशत, खुलासे से राहत

नावरा बाजार क्षेत्र में सराफा व्यापारी से लूट-डकैती की इस वारदात के बाद व्यापारियों में डर का माहौल था। खासकर साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाने वाले छोटे-बड़े व्यापारियों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दो आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में राहत का माहौल है।पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गैंग ने पूर्व में और किन वारदातों को अंजाम दिया है या किन क्षेत्रों में रेकी की थी।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान

इस खुलासे में चौकी प्रभारी नावरा उपनिरीक्षक हेमेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक सुभाष मोरे, प्रधान आरक्षक संदीप पटेल, प्रधान आरक्षक दीपक राजपूत, आरक्षक संदीप वानखेड़े, साइबर सेल से आरक्षक दुर्गेश पटेल, ललित चौहान, सैनिक सुनील मगरे और सैनिक मन्नुलाल का सराहनीय योगदान रहा।

क्राइम एंगल

यह वारदात सामान्य लूट नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई डकैती थी। आरोपियों को पता था कि सराफा व्यापारी हर शुक्रवार बाजार से आभूषण लेकर लौटता है। इसी रूटीन का फायदा उठाकर बदमाशों ने पहले रेकी की, फिर सुनसान स्थान चुना और वारदात को अंजाम दिया। मामले में स्थानीय आरोपियों और धार जिले की आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बदमाश के संपर्क ने पुलिस जांच को नया मोड़ दिया। साइबर इनपुट और CCTV फुटेज इस केस के खुलासे में अहम साबित हुए।

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