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एसपी देवेंद्र पाटीदार ने की पुष्टि, आरोपी पर 3000 रु. का इनाम था घोषित
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2017 से 2021 के बीच नागरिक साख सहकारी समिति में हुआ था करोड़ों का गबन
बुरहानपुर। नागरिक साख सहकारी समिति मर्यादित, नेपानगर में हुए 8 करोड़ 85 लाख रुपये के गबन प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार नेपानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय प्रकाश शर्मा (59 वर्ष, निवासी टीचर कॉलोनी नेपानगर) पर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार द्वारा 3000 रु. का इनाम घोषित किया गया था। यह गिरफ्तारी एसपी, एएसपी और एसडीओपी के संयुक्त निर्देशों पर चलाए जा रहे “फरार अपराधी पकड़ो अभियान” की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दरअसल प्रकरण की शुरुआत 29 दिसंबर 2022 को हुई थी, जब सहकारी निरीक्षक पांडुरंग सोनवने ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नेपानगर की नागरिक साख सहकारी समिति में वर्षों से वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा चल रहा है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों, प्रबंधकों और कर्मचारियों ने मिलकर लगभग 8,85,83,329.65 रु. (अक्षरी — आठ करोड़ पचासी लाख तिरासी हजार तीन सौ उन्तीस रुपये पैंसठ पैसे) का गबन किया। आरोपियों ने जाली बिल, फर्जी खातों और गलत हेराफेरी के माध्यम से राशि का दुरुपयोग किया। मामला अपराध क्रमांक 879/2022 के तहत धारा 420, 409, 406, 34 भा.दं.वि. एवं धारा 58(बी) मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 के तहत दर्ज किया गया था।
एक-एक कर चढ़ रहे हैं आरोपी पुलिस के हत्थे
अब तक इस प्रकरण में पुलिस 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सुरेश वानखेडे (कैशियर), मुकेश तायडे (लेखापाल), सुधीर महाजन (लेखापाल), सुभाष पाटील (उपाध्यक्ष), अशोक चौधरी, राजेंद्र महोदय, सुमन बाई, रमेश सिंह, भीमराव वानखेडे, वसंत पवार, संध्या सिंह, योगेश महाजन और राकेश जाधव शामिल हैं। आरोपी सुभाष यादव (पूर्व प्रबंधक) की वर्ष 2023 में मृत्यु हो चुकी है, जबकि शैलेष मांडले (तत्कालीन प्रबंधक) अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी विजय शर्मा, समिति में लिपिक के पद पर कार्यरत था और घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस को लगातार उसके ठिकानों की जानकारी मिल रही थी, जिसके आधार पर उसे दबोचा गया।
एसपी पाटीदार के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा ने लंबित अपराधों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की थी। टीम ने लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में निरीक्षक ज्ञानु जायसवाल, उपनिरीक्षक कलीराम मौर्य, उपनिरीक्षक शहाबुद्दीन कुरैशी और आरक्षक गजेन्द्र रावत की मुख्य भूमिका रही।
अभी बाकी है एक आरोपी की तलाश
इस प्रकरण में अब केवल एक आरोपी शैलेष मांडले (तत्कालीन प्रबंधक) फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आगे और भी कई वित्तीय अपराधों और सहकारी संस्थाओं के मामलों में जांच तेज की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर जनता की राशि का दुरुपयोग न हो।
गबन और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी
आर्थिक अपराधों में शामिल कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जनता की मेहनत की पूंजी की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गबन और भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। – देवेंद्र पाटीदार, एसपी बुरहानपुर