बुरहानपुर। ऑनलाइन ठगी के मामलों में बढ़ोतरी के बीच बुरहानपुर सायबर सेल ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। डेयरी प्रोडक्ट बिजनेस के नाम पर धोखे से उड़ाए गए 11.90 लाख रुपये में से 8,48,935 रुपये त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक रिफंड करा दिए गए। सायबर सेल की इस कार्रवाई ने पीड़ित और जिले में ऑनलाइन ठगी के शिकार होने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है।
शिकायतकर्ता अजय शर्मा, निवासी सुकपुरी फाटा, शिकारपुरा ने बताया कि वे डेयरी प्रोडक्ट बिजनेस करते हैं। एक व्यक्ति ने फोन कर उनसे डेयरी प्रोडक्ट का बड़ा ऑर्डर देने की बात कही और भुगतान ऑनलाइन करने को कहा। पीड़ित ने RTGS के माध्यम से राशि भेज दी। समय पर प्रोडक्ट की डिलीवरी नहीं मिली। कई बार संपर्क करने पर पता चला कि सामने वाला व्यक्ति फ्रॉड है। धीरे-धीरे कुल ₹11,90,000 रुपये उनके खाते से निकाल लिए गए। मामला गंभीर होने पर पीड़ित तुरंत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बुरहानपुर पहुंचे।
SP पाटीदार के निर्देश पर सक्रिय हुई सायबर सेल—NCRP पर तुरंत केस दर्ज
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सायबर सेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सायबर सेल प्रभारी प्रीतम सिंह ठाकुर एवं उनकी टीम— आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर ने शिकायत को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर रजिस्टर किया और सभी संबंधित बैंकों से तुरंत संपर्क स्थापित किया।
लगातार मॉनिटरिंग और बैंक समन्वय से बड़ा रिकवरी ऑपरेशन सफल
टीम ने कई बैंक शाखाओं से संपर्क कर संदिग्ध खातों को चिन्हित किया। तेज़ और सतत प्रयासों से— ₹8,48,935 रुपये की राशि समय रहते फ्रीज/होल्ड कराई गई विधिक व तकनीकी प्रक्रिया पूर्ण कर राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई गई सायबर सेल की इस तेज़ कार्रवाई के कारण पीड़ित को 8.48 लाख की भारी राहत मिली।
SP ने कहा, Golden Hour में शिकायत करें
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने सायबर सेल टीम की सराहना करते हुए कहा सायबर अपराध में पहली घंटे में शिकायत करना सबसे जरूरी है। समय पर रिपोर्ट करने से रिकवरी की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत देना अनिवार्य बताया।
आमजन के लिए सायबर सुरक्षा सलाह
- किसी भी संदिग्ध लिंक, ईमेल या APK फाइल पर क्लिक न करें।
- अपना OTP, UPI PIN, पासवर्ड किसी को न बताएं।
- किसी भी अज्ञात कॉल पर बैंक डिटेल न दें—हमेशा आधिकारिक नंबर से संपर्क करें।
- ऑनलाइन फ्रॉड होते ही 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
First Hour is Golden Hour — जितनी जल्दी शिकायत, उतनी अधिक रिकवरी।