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बुरहानपुर पुलिस की सटीक जांच से न्यायालय ने सुनाई सजा
बुरहानपुर। थाना शाहपुर क्षेत्र में हुए पिता की हत्या के दिल दहला देने वाले मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास और 5,000 रु. जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने मामूली विवाद में अपने ही पिता पर दरांती से हमला कर गले, सिर और हाथ पर गहरी चोटें पहुंचाई थीं, जिससे मौके पर ही पिता की मौत हो गई थी।
दरअसल घटना 31 अक्टूबर 2024 की रात की है। ग्राम खामनी थाना शाहपुर निवासी दिलीप उर्फ भीका पिता दिगंबर प्रजापति (उम्र 31 वर्ष) का अपने पिता दिगंबर प्रजापति से पारिवारिक विवाद हो गया था। गुस्से में आकर उसने दरांती से पिता पर कई वार किए। खून से लथपथ पिता की मौके पर ही मौत हो गई।गांव में फैली चीख-पुकार के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की सूझबूझ और मजबूत जांच से अपराध सिद्ध
थाना शाहपुर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मिश्रा और उनकी टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी सबूत जुटाकर मामले की बारीकी से जांच की। पुलिस ने 23 जनवरी 2025 को अदालत में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। पुलिस की सटीक विवेचना और साक्ष्यों की मजबूती के चलते आरोपी का अपराध न्यायालय में सिद्ध हुआ।
न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद
माननीय सत्र न्यायालय बुरहानपुर ने आरोपी दिलीप उर्फ भीका पिता दिगंबर प्रजापति को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 5,000 रु. के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने इसे अत्यंत क्रूर और निंदनीय अपराध करार दिया। वर्तमान में आरोपी जेल में निरुद्ध है।
पैरवी में रहा अभियोजन का शानदार प्रदर्शन
इस प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक श्याम देशमुख ने पैरवी की। न्यायालय ने पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि साक्ष्य पुख्ता, विवेचना प्रभावी और अपराध सिद्ध करने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई।